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प्रश्न
गलनांक तथा क्वथनांक पर किसी पदार्थ का ताप स्थिर क्यों रहता है?
उत्तर
ठोस के गलनांक पर पहुँचने के बाद उसमें दिया जाने वाला ताप पूरे ठोस को पिघलने में उपयोग होता है। इस स्थिति में सिस्टम का ताप तबतक नहीं बढ़ता है, जबतक पूरा ठोस पिघल नहीं जाता है। इस क्रम में दिया जाने वाला उष्मा संगलन गुप्त उष्मा कहलाती है।
उसी प्रकार किसी द्रव क्वथनांक पर पहुँचने के बाद उसमें प्रवाहित की जाने वाली उष्मा का उपयोग पूरे द्रव को गैस (जैसे जल को वाष्प) में बदलने में खर्च होता है, तथा सिस्टम को लगातार तापीय उर्जा देने के बाद भी उसका तापमान नहीं बढ़ता है। इस क्रम में बिना तापमान बढ़े ही खर्च होने वाली उष्मा वाष्पीकरण की गुप्त उष्मा कहलाती है।
अत: गलनांक तथा क्वथनांक पर पदार्थ का ताप स्थिर रहता है।
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- अब रबर शीट को खींचे और इसे जार के मुख पर बाँध दें।
- आपका प्रतिदर्श तैयार है। अब आप उँगली के माध्यम से तार को ऊपर नीचे धीरे से या तेज़ी से सरका सकते हैं।