Advertisements
Advertisements
प्रश्न
ग्रीष्मकाल में प्रियांशी तथा अली ने क्रमशः सूती तथा नाइलोन के वस्त्र पहन रखे हैं। आपकी समझ में कौन अधिक आरामदायक होगा तथा क्यों?
उत्तर
ग्रीष्म काल में शरीर की एक जैविक प्रक्रिया के कारण हमें ज्यादा पसीना निकलता है, जो हमारे शरीर को ठंढ़ा रखता है।
सूती वस्त्र एक बहुत ही अच्छा अवशोषक है। ग्रीष्म काल में सूती वस्त्र पहनने से वह हमारे शरीर से निकलने वाले पसीने को अवशोषित कर लेता है, जहाँ से पसीने का वाष्पण हो जाता है, वाष्पण के क्रम में चूँकि द्रव आसपास से ताप उर्जा को अवशोषित कर लेता है, अत: यह हमें शीतलता प्रदान करता है, तथा हम अच्छा अर्थात आराम महसूस करते हैं।
वहीं नाइलोन वस्त्र के अच्छा अवशोषक नहीं होने के कारण वह हमारे शरीर से निकलने वाले पसीने को पूरी तरह अवशोषित नहीं कर पाता है, और हम अपने शरीर को गीला महसूस करते है, तथा यह वस्त्र आरामदायक नहीं लगता है।
अत: प्रियांशी, जिसने सूती वस्त्र पहना है अधिक आरामदायक महसूस करेगी तथा अली, जिसने नाइलॉन का वस्त्र पहना है आरामदायक नहीं मसूस करेगा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गर्म शुष्क दिन में कूलर अधिक ठंडा क्यों करता है?
गर्मियों में घड़े का जल ठंडा क्यों होता है?
ऐसीटोन/पेट्रोल या इत्र डालने पर हमारी हथेली ठंडी क्यों हो जाती है?
कप की अपेक्षा प्लेट से हम गर्म दूध या चाय जल्दी क्यों पी लेते हैं?
गर्मियों में हमें किस तरह के कपड़े पहनने चाहिए?
निम्नलिखित कथन पर टिप्पणी कीजिए -
वाष्पन शीतलन उत्पन्न करता है।