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प्रश्न
गतिशील पिस्टन लगे किसी सिलिंडर में मानक ताप व दाब पर 3 mol हाइड्रोजन भरी है। सिलिंडर की दीवारें ऊष्मारोधी पदार्थ की बनी हैं तथा पिस्टन को उस पर बालू की परत लगाकर ऊष्मारोधी बनाया गया है। यदि गैस को उसके आरंभिक आयतन के आधे आयतन तक संपीडित किया जाए तो गैस का दाब कितना बढ़ेगा?
उत्तर
पिस्टन तथा दीवारें ऊष्मारोधी होने के कारण प्रक्रम रुद्धोष्म (adiabatic) है। अत: इसके लिए दाब आयतन संबंध PVγ = नियतांक से
`"P"_1"V"_1^"y" = "P"_2"V"_2^"y" => "P"_2/"P"_1 = ("V"_1/"V"_2)^"y"`
`"P"_2 = "P"_1("V"_1/"V"_2)^"y"`
यहाँ y = 1.4 (∵ H2 गैस द्विपरमाणुक है।)
तथा V2 = V1/2
अतः `"P"_2 = "P"_1 ("V"_1/("V"_1//2))^1.4 = (2)^1.4 "P"_1`
माना (2)1.4 = x ⇒ log x = 1.4 log 2
= 1.4 × 0.3010 = 0.42140
⇒ x = Antilog 0.42140
= 2.638 ≈ 2.64
⇒ P2 = 2.64 P1
अर्थात दाब बढ़कर प्रारंभिक दाब का 2. 64 गुना हो जाएगा।
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