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रुद्धोष्म विधि द्वारा किसी गैस की अवस्था परिवर्तन करते समय उसकी एक साम्यावस्था A से दूसरी साम्यावस्था B तक ले जाने में निकाय पर 22.3 J कार्य किया जाता है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

रुद्धोष्म विधि द्वारा किसी गैस की अवस्था परिवर्तन करते समय उसकी एक साम्यावस्था A से दूसरी साम्यावस्था B तक ले जाने में निकाय पर 22.3 J कार्य किया जाता है। यदि गैस को दूसरी प्रक्रिया द्वारा अवस्था A से अवस्था B में लाने में निकाय द्वारा अवशोषित नेट ऊष्मा 9.35 cal है तो बाद के प्रकरण में निकाय द्वारा किया गया नेट कार्य कितना है? (1 cal = 4.19 J).

संख्यात्मक

उत्तर

रुद्धोष्म विधि (प्रक्रम) में गैस को A से B अवस्था तक ले जाने में दी गई ऊष्मा Q = 0, निकाय पर किया गया कार्य W = -22.3 J

अतः इस प्रक्रम में आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन

ΔUAB = Q - W

= 0 - (- 22.3 J)

= 22.3 J (अर्थात आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि होगी)

किसी अन्य प्रक्रम द्वारा अवस्था A से B तक ले जाने में निकाय द्वारा अवशोषित ऊष्मा

Q = 9.35 cal = 9.35 × 4.19 J

= 39.178 J

= 39.2 J

चूँकि अवस्थाएँ वही है, अतः आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन ΔUAB ही होगा।

पुनः ऊष्मागतिकी के नियम ΔU = Q - W से,

कार्य W = Q - ΔUAB

= (39.2 - 22.3) J

= 16.9 J

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ऊष्मागतिकीय प्रक्रम
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: ऊष्मागतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ३३३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 11
पाठ 12 ऊष्मागतिकी
अभ्यास | Q 12.5 | पृष्ठ ३३३
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