Advertisements
Advertisements
प्रश्न
जानकारी दीजिए :
निर्गुण शाखा केसंत कवि
उत्तर
निर्गुण भक्ति शाखा दो शाखाओं में विभाजित थी। एक ज्ञानाश्रयी शाखा और दूसरी प्रेममार्गी शाखा। निर्गुण भक्ति ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि कबीर, रैदास, दादू दयाल, नानक तथा मलूकदास आदि हैं। इन कवियों ने निर्गुण निराकार ईश्वर की उपासना पर जोर दिया। उनकी भाषा सीधी-सादी बोलचाल की भाषा है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ममत्व का भाव प्रकट करने वाली कोई भी एक त्रिवेणी ढूँढ़कर उसका अर्थ लिखिए।
जानकारी दीजिए:
त्रिपुरारि जी की अन्य रचनाएँ - __________________
संकल्पना स्पष्ट कीजिए -
नये स्वर्ग का प्रथम चरण
संकल्पना स्पष्ट कीजिए -
विषम श्रृंखलाएँ
संकल्पना स्पष्ट कीजिए -
युग बंदिनी हवाएँ
आशय लिखिए :
‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’
‘देश की रक्षा-मेरा कर्तव्य’, इसपर अपना मत स्पष्ट कीजिए ।
जानकारी दीजिए :
गिरिजाकुमार माथुर जी केकाव्यसंग्रह -
जानकारी दीजिए :
‘तार सप्तक’ केदो कवियों के नाम -
लिखिए -
‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________
सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए –
(१) पाती प्रेम की
(२) साईं
'अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है’, इस उक्ति पर अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
तूम नेदीपक जेब मेंक्यों रख लिया?
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
इसकी काम आएगा।
लिखिए :
यशोदा अपने पुत्र को शांत करते हुए कहती है -
बाल हठ और वात्सल्य के आधार पर सूर के पदों का रसास्वादन कीजिए।
निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
अब यह आत्मा बलवान और सक्षम हो गई है और छटपटाती छाती को वर्तमान में सताती है।
जो कुछ भी मेरा है वह तुम्हें प्यारा है, इस पंक्ति से कवि का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।
जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है, जितना भी उँडेलताहूँ, भर-भर फिर आता है,' इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
जीवन में अत्यधिक मोह से अलग होने की आवश्यकता है,इस वाक्य में व्यक्त भाव प्रकट कीजिए।
अलंकार पहचानकर लिखिए :
के-रख की नूपुर-ध्वनि सुन।
जगती-जगती की मूक प्यास।
निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
वक्रोक्ति -
‘‘यह तो तब था, घास ही पत्थर
पत्थर में प्राण हमनेडाले।।’’
उपर्युक्त पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
जानकारी दीजिए :
प्रवासी साहित्य की विशेषता -
आधुनिक युग में बढ़ती प्रदर्शन प्रवृत्ति ' विषय पर अपने
विचार लिखिए।
जल में निहित जीवन के विविध भावों को आत्मसात करते हुए रसास्वादन कीजिए।