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जाँच की विधि के रूप में प्रायोगिक विधि के गुणों एवं अवगुणों की व्याख्या कीजिए | - Psychology (मनोविज्ञान)

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प्रश्न

जाँच की विधि के रूप में प्रायोगिक विधि के गुणों एवं अवगुणों की व्याख्या कीजिए |

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

जाँच की विधि के रूप में प्रायोगिक विधि के गुण निम्नलिखित हैं:

  • यह निर्धारित करने के लिए संभव है कि क्या अनाश्रित परिवर्त्य में परिवर्तन आश्रित परिवर्त्य में परिवर्तन के कारण होता है |
  • बाह्य परिवर्तन को कम किया जा सकता है |
  • प्रतिसंतुलनकारी तकनीक द्वारा क्रम प्रभाव को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है |
  • विभिन्न समूहों में प्रतिभागियों के यादृच्छिक वितरण से समूहों के बीच विभवपरक व्यवस्थित अंतर को समाप्त करता है |

जाँच की विधि के रूप में प्रायोगिक विधि के अवगुण निम्नलिखित हैं:

  • अत्यधिक नियंत्रित प्रयोगशाला परिस्थिति में इनका प्रयोग किया जाता है जो वास्तविक व्यवहार में नहीं होते।
  • प्रयोग ऐसे परिणाम प्रदान कर सकते हैं जिनका ठीक से सामान्यीकरण नहीं हो पाता अथवा वे वास्तविक परिस्थितियों में अनुप्रयुक्त नहीं हो पाते हैं |
  •  यह सर्वदा संभव नहीं होता कि किसी समस्या विशेष का अध्ययन प्रायोगिक रूप में किया जा सके |
  • समस्त प्रासंगिक परिवर्त्यों को जानना और उनका नियंत्रण करना कठिन होता है |
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मनोविज्ञान की कुछ महत्वपूर्ण विधियाँ - प्रायोगिक विधि
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पाठ 2: मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ ४१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 11
पाठ 2 मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 6. | पृष्ठ ४१
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