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Question
जाँच की विधि के रूप में प्रायोगिक विधि के गुणों एवं अवगुणों की व्याख्या कीजिए |
Answer in Brief
Solution
जाँच की विधि के रूप में प्रायोगिक विधि के गुण निम्नलिखित हैं:
- यह निर्धारित करने के लिए संभव है कि क्या अनाश्रित परिवर्त्य में परिवर्तन आश्रित परिवर्त्य में परिवर्तन के कारण होता है |
- बाह्य परिवर्तन को कम किया जा सकता है |
- प्रतिसंतुलनकारी तकनीक द्वारा क्रम प्रभाव को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है |
- विभिन्न समूहों में प्रतिभागियों के यादृच्छिक वितरण से समूहों के बीच विभवपरक व्यवस्थित अंतर को समाप्त करता है |
जाँच की विधि के रूप में प्रायोगिक विधि के अवगुण निम्नलिखित हैं:
- अत्यधिक नियंत्रित प्रयोगशाला परिस्थिति में इनका प्रयोग किया जाता है जो वास्तविक व्यवहार में नहीं होते।
- प्रयोग ऐसे परिणाम प्रदान कर सकते हैं जिनका ठीक से सामान्यीकरण नहीं हो पाता अथवा वे वास्तविक परिस्थितियों में अनुप्रयुक्त नहीं हो पाते हैं |
- यह सर्वदा संभव नहीं होता कि किसी समस्या विशेष का अध्ययन प्रायोगिक रूप में किया जा सके |
- समस्त प्रासंगिक परिवर्त्यों को जानना और उनका नियंत्रण करना कठिन होता है |
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मनोविज्ञान की कुछ महत्वपूर्ण विधियाँ - प्रायोगिक विधि
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