मराठी

झूरी के पास वापस आए बैलों को देखकर बच्चों ने अपनी खुशी किस तरह व्यक्त की? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

झूरी के पास वापस आए बैलों को देखकर बच्चों ने अपनी खुशी किस तरह व्यक्त की?

एका वाक्यात उत्तर

उत्तर

झूरी के पास लौटे हीरा-मोती को देखकर बच्चों ने ताली बजाकर उनका स्वागत अभिनंदन किया। वे इन्हें वीरता का प्रशस्ति पत्र देना चाहते थे। बच्चे खुशी-खुशी में भागकर अपने घरों से चूनी, गुड़, चोकर आदि लोकर खिलाने लगे। वे बहुत खुश दिख रहे थे।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: दो बैलों की कथा - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 1 दो बैलों की कथा
अतिरिक्त प्रश्न | Q 19

संबंधित प्रश्‍न

'ईह! जब दानापुर डूब रहा था तो पटनियाँ बाबू लोग उलटकर देखने भी नहीं गए...अब बूझो!' - इस कथन द्वारा लोगों की किस मानसिकता पर चोट की गई है?


लेखिका पहले पहल अपनी नानी के बारे क्या जान पाई थी?


चोर से कहाँ गलती हुई कि सारा अनुमान लगाकर घुसने पर भी वह पकड़ा गया? ‘मेरे संग की औरतें’ पाठ के आधार पर लिखिए।


रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए तथा उपवाक्य छाँटकर उसके भी भेद लिखिए-

दीवार का गिरना था कि अधमरे-से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे।


दढ़ियल ने जब बैलों के कूल्हे में अँगुली से गोदा तो उन्होंने अपने अंतर्ज्ञान से क्या जान लिया?


लेखक ने तिब्बत की यात्रा किस वेश में की और क्यों?


तिब्बत में खेती की ज़मीन की क्या स्थिति है?’ल्हासा की ओर’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।


आशय स्पष्ट कीजिए :
वो लॉरेंस की तरह, नैसर्गिक जिंदगी का प्रतिरूप बन गए थे।


प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने क्या-क्या आशंका प्रकट की है?


मैना के चेहरे पर करुण भाव देखकर लेखक ने क्या अनुमान लगाया?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×