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प्रश्न
जिस कस्बे में मूर्ति लगवाई जानी थी उसका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर
जिस कस्बे में नेताजी की मूर्ति लगवाई जानी थी, वह बहुत बड़ा नहीं था। वहाँ कुछ मकान पक्के थे। एक छोटा-सा बाज़ार था। वहीं, लड़के-लड़कियों का एक स्कूल, सीमेंट का एक छोटा कारखाना, दो ओपन एअर सिनेमाघर और नगरपालिका थी।
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संबंधित प्रश्न
पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।
कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है -
(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?
(ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?
(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?
सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यो में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं; जैसे - सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि। अपने जीवन-जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उन पर अमल भी कीजिए।
निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए -
कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।
'भई खूब! क्या आइडिया है।' इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?
नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी खटकती थी?
मूर्ति की कमी को कौन और किस तरह पूरा करने का प्रयास करता था?
कैप्टन कौन था? उसका व्यक्तित्व नाम के विपरीत कैसे था?
कैप्टन मूर्ति के चश्मे को बार-बार क्यों बदल दिया करता था?
बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या प्रदर्शित करता है?
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए -
जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देश-भक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है। दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर-चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। |
- जीप के आगे बढ़ने पर भी हालदार साहब का मूर्ति के बारे में सोचते रहने का कारण था -
- देशप्रेम की भावना
- कस्बे में लगी मूर्ति का सौंदर्य
- मूर्ति पर संगमरमर का चश्मा न होना
- मूर्ति का रख-रखाव न होना
- हालदार साहब ने नागरिकों के प्रयास को बताया -
- उदारवादी
- अकल्पनीय
- प्रशंसनीय
- बचकाना
- “दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे” इस वाक्य में 'उधर' शब्द किसके लिए संकेत है?
- कस्बे के लिए
- चौराहे के लिए
- नगरपालिका के लिए
- उत्साही लेखक के लिए
- उन्होंने मूर्ति में क्या अंतर देखा?
- मूर्ति ने कपड़े पहने हैं
- मूर्ति ने शाल ओढ़ी है
- मूर्ति पर चश्मा बदल गया है
- मूर्ति को पेंट कर दिया है
- हालदार साहब जीप से कहाँ जाते थे?
- कस्बे में लगी मूर्ति देखने
- अपनी फैक्टरी का काम देखने
- अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने
- कम्पनी के काम से कस्बे से आगे
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -
जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में ही सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है। दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है। पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। हालदार साहब का कौतूहल और बढ़ा। वाह भई! क्या आइडिया है। मूर्ति कपड़े नहीं बदल सकती लेकिन चश्मा तो बदल ही सकती है। |
- 'जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई' अर्थात
A. जीप कस्बे में बिना रुके आगे बढ़ गई।
B. जीप कस्बे में रुक कर आगे बढ़ गई।
C. जीप कस्बे में रुक गई।
D. जीप कस्बे में नहीं गई। - हालदार साहब किसके विषय में सोचते रहे?
A. नेताजी के बारे में
B. मूर्ति के बारे में
C. चौराहे के बारे में
D. कस्बे के बारे में - 'वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।' से आशय है...
A. आजकल देशभक्त होना संभव नहीं है।
B. आजकल देशभक्त होना हास्यास्पद हो गया है।
C. आजकल सभी देशभक्त हो गए हैं।
D. आजकल देशभक्ति की प्रासंगिकता नहीं है। - दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में क्या अंतर दिखाई दिया?
A. मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था।
B. मूर्ति पर पुराना चश्मा था।
C. मूर्ति पर एक नया चश्मा था।
D. मूर्ति छतिग्रस्त थी। - 'नेताजी का चश्मा' पाठ..
A. देशभक्ति के भाव पर व्यंग्य करता है।
B. देशभक्ति की प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है।
C. देशभक्ति के महत्व को स्थापित करता है।
D. देशभक्ति के प्रति उम्मीद जगाता है।
पानवाले ने नेताजी की मूर्ति पर चश्मा न होने का कारण बताया - 'मास्टर बनाना भूल गया' - यह उसके लिए कैसी बात थी और हालदार साहब के लिए कैसी?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'नेताजी का चश्मा' पाठ के आधार पर लिखिए कि-
हालदार साहब का कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों?