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NCERT solutions for Hindi - Kshitij Part 2 Class 10 chapter 10 - स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा [Latest edition]

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Chapters

    1: सूरदास - पद

    2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

    3: देव - सवैया और कवित्त

    4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य

    5: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है

    6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल

    7: गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना

    8: ऋतुराज - कन्यादान

    9: मंगलेश डबराल - संगतकार

▶ 10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा

    11: रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत

    12: यशपाल - लखनवी अंदाज़

    13: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना - मानवीय करुणा की दिव्या चमक

    14: मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी

    15: महावीरप्रसाद द्विवेदी - स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन

    16: यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत

    17: भदंत आनंद कौसल्यायन - संस्कृति

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Solutions for Chapter 10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा

Below listed, you can find solutions for Chapter 10 of CBSE NCERT for Hindi - Kshitij Part 2 Class 10.


प्रश्न-अभ्यासअतिरिक्त प्रश्न
प्रश्न-अभ्यास [Pages 64 - 65]

NCERT solutions for Hindi - Kshitij Part 2 Class 10 10 स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा प्रश्न-अभ्यास [Pages 64 - 65]

प्रश्न-अभ्यास | Q 1 | Page 64

सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?

प्रश्न-अभ्यास | Q 2 | Page 64

हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा -

(क) हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?

(ख) मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?

(ग) हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे?

प्रश्न-अभ्यास | Q 3 | Page 64

आशय स्पष्ट कीजिए -

"बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-ज़िंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।"

प्रश्न-अभ्यास | Q 4 | Page 64

पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।

प्रश्न-अभ्यास | Q 5 | Page 64

"वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!"

कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।

प्रश्न-अभ्यास | Q 6 | Page 65

निम्नलिखित वाक्य पात्रों की कौन-सी विशेषता की ओर संकेत करते हैं -

(क) हालदार साहब हमेशा चौराहे पर रुकते और नेताजी को निहारते।

(ख) पानवाला उदास हो गया। उसने पीछे मुड़कर मुँह का पान नीचे थूका और सिर झुकाकर अपनी धोती के सिरे से आँखें पोंछता हुआ बोला - साहब! कैप्टन मर गया।

(ग) कैप्टन बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगा देता था।

प्रश्न-अभ्यास | Q 7 | Page 65

जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात्‌ देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।

प्रश्न-अभ्यास | Q 8 | Page 65

कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है -

(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?

(ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?

(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?

प्रश्न-अभ्यास | Q 9 | Page 65

सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यो में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं; जैसे - सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि। अपने जीवन-जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उन पर अमल भी कीजिए।

प्रश्न-अभ्यास | Q 10 | Page 65

निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए -

कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।

प्रश्न-अभ्यास | Q 11 | Page 65

'भई खूब! क्या आइडिया है।' इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?

प्रश्न-अभ्यास | Q 12 | Page 65

निम्नलिखित वाक्यों से निपात छाँटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए -

(क) नगरपालिका थी तो कुछ न कुछ करती भी रहती थी।
(ख) किसी स्थानीय कलाकार को ही अवसर देने का निर्णय किया गया होगा।
(ग) यानी चश्मा तो था लेकिन संगमरमर का नहीं था।
(घ) हालदार साहब अब भी नहीं समझ पाए।
(ङ) दो साल तक हालदार साहब अपने काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुज़रते रहे।

प्रश्न-अभ्यास | Q 13 | Page 65

निम्नलिखित वाक्यों को कर्मवाच्य में बदलिए -

(क) वह अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध् गिने-चुने फ्रेमों में से नेताजी की मूर्ति पर फिट कर देता है।

(ख) पानवाला नया पान खा रहा था।

(ग) पानवाले ने साफ़ बता दिया था।

(घ) ड्राइवर ने ज़ोर से ब्रेक मारे।

(ङ) नेताजी ने देश के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया।

(च) हालदार साहब ने चश्मेवाले की देशभक्ति का सम्मान किया।

प्रश्न-अभ्यास | Q 14 | Page 65

नीचे लिखे वाक्यों को भाववाच्य में बदलिए -

जैसे - अब चलते हैं। - अब चला जाए।

(क) माँ बैठ नहीं सकती।

(ख) मैं देख नहीं सकती।

(ग) चलो, अब सोते हैं।

(घ) माँ रो भी नहीं सकती।

अतिरिक्त प्रश्न

NCERT solutions for Hindi - Kshitij Part 2 Class 10 10 स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा अतिरिक्त प्रश्न

अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

नगरपालिका द्वारा किसकी मूर्ति को कहाँ लगवाने का निर्णय लिया गया?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 2

जिस कस्बे में मूर्ति लगवाई जानी थी उसका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

अतिरिक्त प्रश्न | Q 3

मूर्ति बनवाने का कार्य स्थानीय ड्राइंग मास्टर को क्यों सौंपना पड़ा?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

नगरपालिका मूर्ति लगवाने में ठोस निर्णय क्यों नहीं ले पा रही थी?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 5

नेताजी की मूर्ति का संक्षिप्त चित्रण कीजिए।

अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी खटकती थी?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

मूर्ति की कमी को कौन और किस तरह पूरा करने का प्रयास करता था?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

कैप्टन कौन था? उसका व्यक्तित्व नाम के विपरीत कैसे था?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

कैप्टन मूर्ति के चश्मे को बार-बार क्यों बदल दिया करता था?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 10

‘नेताजी का चश्मा’ पाठ के माध्यम से लेखक ने क्या संदेश देने का प्रयास किया है?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 11

हालदार साहब के लिए कैप्टन सहानुभूति का पात्र था? इसे आप कितना उचित समझते हैं?

अतिरिक्त प्रश्न | Q 12

बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या प्रदर्शित करता है?

Solutions for 10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा

प्रश्न-अभ्यासअतिरिक्त प्रश्न
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