मराठी

सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?

टीपा लिहा

उत्तर

चश्मेवाला एक देशभक्त नागरिक था। उसके हृदय में देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान था। इसलिए लोग उसे कैप्टन कहते थे।

shaalaa.com
नेताजी का चश्मा
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 10 स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा
प्रश्न-अभ्यास | Q 1 | पृष्ठ ६४

संबंधित प्रश्‍न

हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा -

(क) हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?

(ख) मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?

(ग) हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे?


आशय स्पष्ट कीजिए -

"बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-ज़िंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।"


पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।


"वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!"

कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।


निम्नलिखित वाक्य पात्रों की कौन-सी विशेषता की ओर संकेत करते हैं -

(क) हालदार साहब हमेशा चौराहे पर रुकते और नेताजी को निहारते।

(ख) पानवाला उदास हो गया। उसने पीछे मुड़कर मुँह का पान नीचे थूका और सिर झुकाकर अपनी धोती के सिरे से आँखें पोंछता हुआ बोला - साहब! कैप्टन मर गया।

(ग) कैप्टन बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगा देता था।


कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है -

(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?

(ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?

(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?


सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यो में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं; जैसे - सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि। अपने जीवन-जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उन पर अमल भी कीजिए।


निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए -

कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।


नगरपालिका द्वारा किसकी मूर्ति को कहाँ लगवाने का निर्णय लिया गया?


जिस कस्बे में मूर्ति लगवाई जानी थी उसका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।


नगरपालिका मूर्ति लगवाने में ठोस निर्णय क्यों नहीं ले पा रही थी?


नेताजी की मूर्ति का संक्षिप्त चित्रण कीजिए।


नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी खटकती थी?


मूर्ति की कमी को कौन और किस तरह पूरा करने का प्रयास करता था?


कैप्टन मूर्ति के चश्मे को बार-बार क्यों बदल दिया करता था?


‘नेताजी का चश्मा’ पाठ के माध्यम से लेखक ने क्या संदेश देने का प्रयास किया है?


हालदार साहब के लिए कैप्टन सहानुभूति का पात्र था? इसे आप कितना उचित समझते हैं?


बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या प्रदर्शित करता है?


निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

       जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में ही सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।

       दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है। पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। हालदार साहब का कौतूहल और बढ़ा। वाह भई! क्या आइडिया है। मूर्ति कपड़े नहीं बदल सकती लेकिन चश्मा तो बदल ही सकती है।

  1. 'जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई' अर्थात
    A. जीप कस्बे में बिना रुके आगे बढ़ गई।
    B. जीप कस्बे में रुक कर आगे बढ़ गई।
    C. जीप कस्बे में रुक गई।
    D. जीप कस्बे में नहीं गई।
  2. हालदार साहब किसके विषय में सोचते रहे?
    A. नेताजी के बारे में
    B. मूर्ति के बारे में
    C. चौराहे के बारे में
    D. कस्बे के बारे में
  3. 'वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।' से आशय है...
    A. आजकल देशभक्त होना संभव नहीं है।
    B. आजकल देशभक्त होना हास्यास्पद हो गया है।
    C. आजकल सभी देशभक्त हो गए हैं।
    D. आजकल देशभक्ति की प्रासंगिकता नहीं है।
  4. दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में क्या अंतर दिखाई दिया?
    A. मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था।
    B. मूर्ति पर पुराना चश्मा था।
    C. मूर्ति पर एक नया चश्मा था।
    D. मूर्ति छतिग्रस्त थी।
  5. 'नेताजी का चश्मा' पाठ..
    A. देशभक्ति के भाव पर व्यंग्य करता है।
    B. देशभक्ति की प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है।
    C. देशभक्ति के महत्व को स्थापित करता है।
    D. देशभक्ति के प्रति उम्मीद जगाता है।

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'नेताजी का चश्मा' पाठ के आधार पर लिखिए कि-

हालदार साहब का कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×