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"वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!" कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए। - Hindi Course - A

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प्रश्न

"वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!"

कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।

टीपा लिहा

उत्तर

पानवाले ने कैप्टन को लँगड़ा और पागल कहा है, लेकिन कैप्टन में सच्चे देशभक्त के वे सभी गुण हैं, जो न तो पानवाले में हैं और न ही समाज के किसी अन्य बुद्धिजीवी में। भले ही वह अपाहिज है, लेकिन उसमें इतनी शक्ति है कि नेताजी को कभी बगैर चश्मे के नहीं रहने देता। वह भले पागल कहलाए, पर उसमें इतना विवेक है कि जिसने आज़ादी के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया, उसका सम्मान करना चाहिए। इसलिए कैप्टन पानवाले से अधिक सक्रिय और विवेकशील है।

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नेताजी का चश्मा
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पाठ 10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६४]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 10 स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा
प्रश्न-अभ्यास | Q 5 | पृष्ठ ६४

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