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प्रश्न
जल के तीन नमूने लो एक-नदी का जल, दूसरा अनुपचारित वाहित मल जल तथा तीसरा-वाहित मल उपचार संयत्र से निकला द्विंतीयक बहि:स्राव; इन तीनों नमूनों पर 'अ' 'ब' 'स' के लेबल लगाओ। इस बारे में प्रयोगशाला कर्मचारी को पता नहीं है कि कौन सा क्या है? इन तीनों नमूनों 'अ' 'ब' 'स' का बीओडी का रिकार्ड किया गया जो क्रमश: 20 mg/L, 8 mg/L, तथा 400 mg/L, निकाला। इन नमूनों में कौन सा सबसे अधिक प्रदूषित नमूना है? इस तथ्य को सामने रखते हुए कि नदी का जल अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ है। क्या आप सही लेबल का प्रयोग कर सकते हैं?
उत्तर
बॉयोकेमीकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) जल आपूर्ति में मौजूद अपशिष्ट को विघटित करने के लिए सूक्ष्मजीवियों द्वारा आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा निर्धारित करने की विधि है। यदि जल आपूर्ति में कार्बनिक व्यर्थ की मात्रा अधिक है, तो पानी में मौजूद अपघटन करने वाले जीवाणुओं की संख्या भी अधिक होगी। परिणामस्वरूप, बीओडी मान बढ़ जाएगा।
इसलिए, यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि यदि जल आपूर्ति अधिक प्रदूषित है, तो इसका बीओडी मान अधिक होगा। उपरोक्त तीन नमूनों में से, नमूना 'स' सबसे प्रदूषित है क्योंकि इसका अधिकतम बीओडि मान 400 mg/L है। अनुपचारित वाहित मल जल के बाद, वाहित मल उपचार संयंत्र से बहिःस्राव वाला द्वितीयक अपशिष्ट सबसे अधिक प्रदूषित होता है। इस प्रकार, नमूना 'अ' वाहित मल उपचार संयंत्र से द्वितीयक अपशिष्ट जल है और इसका बीओडि मान 20 mg/L है, जबकि नमूना 'ब' नदी का जल है और इसका बीओडि मान 8 mg/L है।
इसलिए, प्रत्येक नमूने के लिए सही नमूना है:
नमूना | बीओडी मान | नमूने का प्रकार |
(अ) | 20 mg/L | वाहित मल उपचार संयंत्र से द्वितीयक अपशिष्ट बहिःस्राव |
(ब) | 8 mg/L | नदी का जल |
(स) | 400 mg/L | अनुपचारित वाहित मल जल |