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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता ९ वी

‘जंगल के पशु मानवी बस्‍ती की ओर आ रहे है’ इसपर आपके उपायों की सूची बनाइए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

‘जंगल के पशु मानवी बस्‍ती की ओर आ रहे है’ इसपर आपके उपायों की सूची बनाइए।

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

भारत में मानव-पशु संघर्ष बहुत बड़े स्तर पर देखने को मिलता है, क्योंकि भारत विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाली विकासशील देश है और जहाँ आज भी देश की बड़ी आबादी अपने जरूरतों और कार्यों को पूरा करने के लिए वन्यजीवों पर आश्रित है। वर्तमान समय में पशु-पक्षियों के रहने के स्थान, जंगल, समाप्त होते जा रहे हैं और धीरे-धीरे मनुष्य उन पर कब्जा करता जा रहा है। जानवरों का क्षेत्र कम पड़ने के कारण उनको भोजन आदि की खोज में मानव बस्तियों में आना पड़ता है। इसका सबसे अच्छा उपाय यहीं है कि जंगलों को काटने से बचाएं और उनको संरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए। मानव बस्तियाँ जंगलों का अतिक्रमण नहीं करें। बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकीकरण की वजह से पेड़ लगातार कम हो रहे हैं। बाग-बगीचे और खेती को खत्म कर बहुमंजिला इमारतें बनाई जा रही हैं। वहीं, जलीय पक्षियों के आवास भी सुरक्षित नहीं है। इन्हें बचाने के लिए शासन स्तर से लेकर आम जनता सभी का सहयोग जरूरी है। बढ़ते तापमान और पेड़-पौधों की संख्या कम होने से यह प्राणी विलुप्त होते जा रहे हैं। वहीं, कानूनी बातो का उल्लंघन करते हुए पेड़-पौधों को काटा जा रहा है तो विभिन्न रसायनों के प्रयोग से पक्षियों की मौत हो रही है। जहरीले भोजन या पक्षियों की त्वचा के माध्यम से जहर इनके शरीर में पहुँचकर सबसे अधिक मौत का कारण बन रहे हैं। धरती पर हर एक जीव एक समान है, बस अंतर इतना ही है कि मनुष्य अपने बुद्धिबल से अपना विकास करता है, जिसके कारण मनुष्य सभी जीवों में सबसे बुद्धिमान सबसे शक्तिशाली माना जाता है। मनुष्य की तरह पृथ्वी पर पशु-पक्षियों का जीवन भी प्रकृति की ही देन है। धरती पर जितना अधिकार मनुष्य का होता है, उतना ही अधिकार पशु पक्षियों का होता है।

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हिरणी
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पाठ 1.08: हिरणी (पूरक पठन) - स्वाध्याय [पृष्ठ ३६]

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बालभारती Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
पाठ 1.08 हिरणी (पूरक पठन)
स्वाध्याय | Q २ | पृष्ठ ३६
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