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प्रश्न
कक्षा के बाकी विद्यार्थी स्वयं अलबम क्यों नहीं बनाते थे? वे राजप्पा और नागराजन के अलबम के दर्शक मात्र क्यों रहे जाते हैं? अपने शिक्षक को बताओ।
उत्तर
कक्षा में बस एक राजप्पा ही था, जिसे टिकट इकट्ठा करने की धुन थी। वह एक-एक टिकट इकट्ठा करने के लिए मित्रों के घर के कई चक्कर लगाती थी लेकिन बाकी छात्र इतना परिश्रम नहीं करना चाहते थे। इसको बनाने में काफ़ी परिश्रम, समय और रुपए खर्च भी करना पड़ता था। बाकी छात्र दूसरों के अलबम को देखकर खुश हो जाते थे। कक्षा में राजप्पा ही ऐसा छात्र था जो बड़े मेहनत के साथ टिकटें जमा करता था। सभी विद्यार्थियों को नया काम करने का शौक नहीं होता। वे अधिक परिश्रम नहीं करना चाहते। वे दूसरों की वस्तुओं को देखकर ही खुश हो जाते हैं।
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कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
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