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प्रश्न
किसान और खेती हममें से बहुत से लोगों की जानी-पहचानी दुनिया का हिस्सा नहीं है। विशेष रूप से शहर के ज्यादातर लोगों को यह अहसास नहीं है कि हमारी जिंदगी किस हद तक इनसे जुड़ी हुई है। देश के कई हिस्सों में आज किसानों को जिंदा रहने के लिए बहुत मेहनत और संघर्ष करना पड़ रहा है। अगर यह जानने की कोशिश | करें कि हम दिनभर जो चीजें खाते हैं वे कहाँ से आती हैं तो किसानों की हमारी जिंदगी में भूमिका को हम समझ पाएँगे। आलू की पकौड़ी, बर्फी और आइसक्रीम- इन तीन चीज़ों के बारे में नीचे दिए बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जानकारी इकट्ठी करो और ‘मेरी कहानी” के रूप में उसे लिखो।
- किन चीज़ों से बनती है?
- इन चीज़ों का जन्म कहाँ होता है?
- हम तक पहुँचने का उनका सफ़र क्या है?
- किन-किन हाथों से होकर हम तक पहुँचती है?
- इस पूरे सफर में किन लोगों की कितनी मेहनत लगती है?
- इन लोगों में से किसको कितना मुनाफा मिलता है?
अगले वर्ष कक्षा छह में सामाजिक एवं राजनैतिक जीवन के बारे में पढ़ोगी तो ऊपर लिखे सफर में शामिल लोगों की दिनचर्या पता करने का मौका भी मिलेगा।
उत्तर
आलू की पकौड़ी - यह आलू और बेसन से बनती है। बेसन, चने की दाल से बनाया जाता है। आलू और चने की दाल को किसान खेतों में उगाता है। चना व आलू किसानों द्वारा व्यापारियों को बेच दिया जाता है। इसके बाद चना बड़ी कंपनियों तक पहुँचता है और आलू व्यापारियों द्वारा बाज़ारों में पहुँचा दिया जाता है। बेसन कंपनियों द्वारा बनाई जाती हैं। बाद में ये दुकानदारों के हाथों से होकर हम तक पहुँचती हैं। इसमें किसानों, व्यापारियों तथा कंपनियों की मेहनत लगती है। इनमें से किसानों को कम, कंपनियों, व्यापारियों तथा दुकानदारों को ज़्यादा फायदा होता है।
बर्फी - बर्फी खोये से बनती है। यह दूध के खोये में चीनी मिलाकर बनाया जाता है। खोया दूध से बनते हैं, इसे ग्वाले द्वारा गाय या भैसों से प्राप्त किया जाता है।दूध ग्वाले द्वारा बड़ी कंपनियों को बेचा जाता है। खोया कंपनियों द्वारा बनाई जाती हैं। बाद में ये दुकानदारों के हाथों से होकर हम तक पहुँचती हैं। इसमें ग्वालों, व्यापारियों तथा कंपनियों की मेहनत लगती है। इनमें से ग्वालों को कम, कंपनियों, व्यापारियों तथा दुकानदारों को ज़्यादा फायदा होता है।
आइसक्रीम - आइसक्रीम दूध से बनती है। इसे ग्वाले द्वारा गाय या भैसों से प्राप्त किया जाता है। दूध ग्वाले द्वारा बड़ी कंपनियों को बेचा जाता है। आइसक्रीम कंपनियों द्वारा बनाई जाती हैं। बाद में ये दुकानदारों के हाथों से होकर हम तक पहुँचती हैं। इसमें ग्वालों, व्यापारियों तथा कंपनियों की मेहनत लगती है। इनमें से ग्वालों को कम, कंपनियों, व्यापारियों तथा दुकानदारों को ज़्यादा फायदा होता है।
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भाषा |
कपड़े |
नया वर्ष |
भोजन |
लोक कला |
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इन शब्दों को क्रिया भी कहते हैं क्योंकि क्रिया का संबंध कोई काम करने से है। नीचे खिचड़ी बनाने की विधि दी गई है। इसमें बीच-बीच में कुछ क्रियाएँ छूट गई हैं। उचित क्रियाओं का प्रयोग करते हुए इसे पूरा करो।
छौंकना | पीसना | पकाना | धोना | परोसना | भूनना |
बंगाली 'खिचुरी' (५ व्यक्तियों के लिए ) | |
सामग्री | मात्रा |
अदरक | २० ग्राम |
लहसुन | ३ फाँकें |
इलायची के दाने | ३ छोटी |
दालचीनी | २ १/२ से.मी. का १ टुकड़ा |
पानी | ४ प्याले |
मूँग दाल | १/२ प्याला |
सरसों का तेल | 3 बड़े चम्मच |
तेज पत्ते | २ |
जीरा | १/२ छोटा चम्मच |
प्याज़ बारीक कटा हुआ | १ मँझोला |
चावल धुले हुए | १ प्याला |
फूल गोभी बड़े-बड़े टुकड़ो में कटी हुई | २00 ग्राम |
आलू छीलकर चार-चार टुकड़ो में कटे हुए | २ |
मटर के दाने | १/२ प्याला |
धनिया पिसा हुआ | १ बड़ा चम्मच |
लाल मिर्च पिसी हुई | १/२ छोटा चम्मच |
चीनी | १ छोटा चम्मच |
घी | २ बड़े चम्मच |
नमक और हल्दी | अंदाज से |
विधि-
इलायची, दालचीनी और लौंग में थोड़ा-थोड़ा पानी (एक छोटा चम्मच) डालते हुए ______ लो। अदरक और लहसुन को इकट्ठा पीसकर पेस्ट बनाओ। दाल को कड़ाही में डालो और मध्यम आँच पर सुनहरी भूरी होने तक ______ लो। अब चावल निकाल कर ______ लो। तेल को कुकर में डालकर गरम करो। तेल गरम हो जाने पर तेज पत्ते और जीरा डालो। जीरा जब चटकने लगे तो प्याज़ डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनो। अब अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ मिनट ______। भुनी हुई दाल, चावल और सब्ज़ी डालो और अच्छी तरह मिलाओ। शेष पानी (चार प्याले) डालकर एक बार चलाओ। कुकर बंद करो। तेज़ आँच पर पूर्ण प्रेशर आने दो। अब आँच कम करके चार मिनट तक ______। भाप निकल जाने पर कुकर खोलो, मसालों का पेस्ट मिलाओ। खिचुरी पर घी, हींग, जीरा, साबुत लाल मिर्च से ______ कर ______ गरमागरम।
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