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किसी कार्बनिक यौगिक में कार्बन का आकलन करते समय उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड विलयन का उपयोग क्यों किया जाता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

किसी कार्बनिक यौगिक में कार्बन का आकलन करते समय उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड विलयन का उपयोग क्यों किया जाता है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

CO2 अम्लीय प्रकृति की होती है तथा प्रबल क्षार KOH से क्रिया करके K2CO3 बनाती है।

\[\ce{2KOH + CO2 -> K2CO3 + H2OAr}\]

इससे KOH का द्रव्यमान बढ़ जाता है। निर्मित CO2 के कारण द्रव्यमान में वृद्धि से कार्बनिक यौगिक में उपस्थित कार्बन की मात्रा की गणना निम्न संबंध का प्रयोग करके की जाती है-

%C = `12/44 xx ("निर्मित"  "CO"_2  "का द्रव्यमान")/"लिए गए पदार्थ का द्रव्यमान" xx 100` 

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कार्बनिक अभिक्रियाओं की क्रियाविधि में मूलभूत संकल्पनाएँ - कार्बनिक अभिक्रियाएँ और उनकी क्रियाविधियाँ
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पाठ 12: कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें - अभ्यास [पृष्ठ ३७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
पाठ 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें
अभ्यास | Q 12.30 | पृष्ठ ३७२
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