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कोई द्विगुणित जीन 6 स्थलों के लिए विषमयुग्मजी (heterozygous) है, कितने प्रकार के युग्मकों का उत्पादन सम्भव है? - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

कोई द्विगुणित जीन 6 स्थलों के लिए विषमयुग्मजी (heterozygous) है, कितने प्रकार के युग्मकों का उत्पादन सम्भव है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

जब कोई द्विगुणित जीन 6 स्थलों के लिए विषमयुग्मजी है अर्थात् किसी त्रिसंकर (tri-hybrid) में तुलनात्मक लक्षणों के तीन जोड़े जीन (कारक) होते हैं। प्रत्येक जोड़े लक्षण का विसंयोजन दूसरे जोड़े से स्वतंत्र होता है तो द्विगुणित जीन 6 स्थलों के लिए विषमयुग्मजी होगा। जैसे लंबे, पीले तथा गोल बीज वाले शुद्ध जनकों का संकरण, बौने, हरे और झुरींदार बीज वाले पौधों से कराने पर F1 पीढ़ी में प्राप्त संकर लंबे, गोल और पीले बीज वाले पौधों की विषमयुग्मजी जीन संरचना Tt Rr Yy होती है। इससे आठ प्रकार के युग्मक TRY, TRy, TrY, Try, tRY, tRy, trY, try बनते हैं। अर्थात् F1 पीढ़ी के सदस्यों के जीन युग्मक निर्माण के समय स्वतंत्र होकर नए-नए संयोग बनाते हैं।

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एक जीन का वंशागति
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पाठ 5: विधता के सिद्धांत - अभ्यास [पृष्ठ १०४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Biology [Hindi] Class 12
पाठ 5 विधता के सिद्धांत
अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ १०४

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