Advertisements
Advertisements
प्रश्न
परीक्षार्थ संकरण की परिभाषा लिखो और चित्र बनाओ।
उत्तर
परीक्षार्थ संकरण एक अज्ञात जीनोटाइप वाले जीव और अप्रभावी जनक के बीच एक क्रॉस है। इसका उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि क्या व्यक्ति किसी विशेषता के लिए समयुग्मजी या विषमयुग्मजी है।
यदि परीक्षार्थ क्रॉस द्वारा उत्पादित संतति 50% प्रभावी लक्षण और 50% अप्रभाविता लक्षण दिखाती है, तो अज्ञात व्यक्ति किसी लक्षण के लिए विषमयुग्मजी है। दूसरी ओर, यदि उत्पादित संतति प्रभावी लक्षण दिखाती है, तो अज्ञात व्यक्ति किसी लक्षण के लिए समयुग्मजी है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कोई द्विगुणित जीन 6 स्थलों के लिए विषमयुग्मजी (heterozygous) है, कितने प्रकार के युग्मकों का उत्पादन सम्भव है?
निम्न में भेद करो-
प्रभाविता और अप्रभाविता
निम्न में भेद करो -
समयुग्मजी और विषमयुग्मजी
निम्न में भेद करो -
एकसंकर और द्विसंकर
एकसंकर क्रॉस का प्रयोग करते हुए, प्रभाविता नियम की व्याख्या कीजिए।
शिशु का रुधिर वर्ग O है। पिता का रुधिर वर्ग A और माता का B है। जनकों के जीनोटाइप मालूम करें और अन्य संतति में प्रत्याशित जीनोटाइप की जानकारी प्राप्त करें।
निम्न शब्द को उदाहरण समेत समझाएँ।
सह प्रभाविता
निम्न शब्द को उदाहरण समेत समझाएँ।
अपूर्ण प्रभाविता
एक ही जीन स्थल वाले समयुग्मजी मादा और विषमयुग्मजी नर के संकरण से प्राप्त प्रथम संतति पीढ़ी के फीनोटाइप वितरण का पनेट वर्ग बनाकर प्रदर्शन करो।
पीले बीज वाले लंबे पौधे (YyTt) का संकरण हरे बीज वाले लंबे (yyTt) पौधे से करने पर निम्न में से किस प्रकार के फीनोटाइप संतति की आशा की जा सकती है
(क) लंबे हरे
(ख) बौने हरे