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प्रश्न
कुछ फूलों का अलग-अलग तरह से इस्तेमाल होता है, जैसे- गेंदा और गुलाब के फूल, खुले और माला दोनों ही तरह से इस्तेमाल होते हैं।
- अलग-अलग रूपों में फूलों के दाम पता करो और लिखो।
एक माला ______ एक गुलदस्ता ______ एक फूल ______ - क्या इन फूल बेचने वालों ने गुलदस्ता या फूलों की चादर बनाना किसी से सीखा है? किससे?
- क्या वे चाहेंगे कि उनके परिवार के और लोग भी यह काम करें? क्यों?
उत्तर
- अलग-अलग रूपों में फूलों के दाम पता करो और लिखो।
एक माला 50 रुपये एक गुलदस्ता 20 रुपये एक फूल 5 रुपये - हाँ, उन्होंने इसे अपने घर के बुजुर्गों से सीखा है।
- हाँ, ज़्यादातर फूल बेचने वाले चाहते हैं कि उनके परिवार के और लोग भी यह काम करें। क्योंकि इसमें काफी फायदा है और वे इसके बारे में बेहतर जान सकते हैं।
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संबंधित प्रश्न
तुम नीचे दिए गए फूलों में से जिनको पहचानते हो, उन पर (✓) निशान लगाओ। अगर पता हो, तो उनके नाम चित्र के नीचे लिखो।
जो बच्चे फूल ला सकते हैं, वे कक्षा में एक-दो फूल लाएँ। ध्यान रहे कि पेड़-पौधों से गिरे हुए फूल ही इकट्ठे करने हैं। तोड़ने नहीं हैं। तीन-चार बच्चों के समूह बनाओ और किसी एक फूल को ध्यान से देखो और लिखो-
- फूल किस रंग का है?
- इसकी खुशबू कैसी है?
- आकार कैसा है? घंटी जैसा, कटोरी जैसा, बुश जैसा या कुछ और?
- क्या ये फूल गुच्छे में हैं?
- इसकी पँखुड़ियाँ कितनी हैं?
- पँखुड़ियाँ आपस में जुड़ी हैं या अलग-अलग हैं?
- पँखुड़ियों के बाहर क्या तुम्हें हरी पत्ती जैसा कुछ नज़र आ रहा है? ये कितने हैं?
- पँखुड़ियों के अंदर, बीच में क्या कुछ पतली सी चीज़ें दिखाई दे रही हैं? ये किस रंग की हैं?
- उनको छूने से क्या कुछ पाउडर जैसा हाथ में लग रहा है?
क्या तुम बता सकते हो कि एक कली कितने दिनों में खिलकर फूल बनती होगी?
- किसी एक पौधे पर लगी कली चुनो और उसे रोज़ देखो। उस पौधे का नाम भी लिखो।
- जब तुमने कली देखी, तो तारीख ______ थी और वह कली जब फूल बनी तो तारीख थी ______। कली को फूल बनने में कितने दिन लगे?
- अपने दोस्तों से पूछो, उन्होंने कौन-कौन से फूल देखे? उनकी कलियों को फूल बनने में कितना समय लगा?
- तुम यह भी देख सकते हो कि वह फूल कितने दिनों में मुरझाया?
क्या तुम्हारे घर में भी किसी फूल की सूखी सब्ज़ी, सालन (तरीदार सब्ज़ी) या चटनी बनाई जाती है? पता करो, कौन-से फूलों की?
ऐसे कुछ फूलों के नाम लिखो, जिनसे तुम्हें लगता है इत्र बनाया जाता होगा।
क्या तुमने कभी फूलों पर कोई गीत पढ़ा या सुना है?
इस गीत को गाओ।
“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,
बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,
फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।”
“अच्छी मालन, मेरे बन्ने का बना ला सेहरा,
बागे जन्नत गई मालन मेरी फूलों के लिए,
फूल न मिलें तो कलियों का बना ला सेहरा।”
क्या तुम बता सकते हो कि ऊपर दिया गया गीत कब गाया जाता होगा?
तुम पाँच या छह के समूह में बँटकर यह कर सकते हो।
- पेड़-पौधों से गिरे हुए फूलों को इकट्ठा करो और क्लास में लाओ।
- इन फूलों को पुराने अखबार के पन्नों के बीच में ठीक से फैला कर रखो।
- हर परत में फूल इस तरह रखना कि एक-दूसरे से चपके नहीं।
- अब इस अखबार को किसी भारी चीज़ से दबा कर दस-पंद्रह दिन के लिए एक ही जगह रखा रहने दो।
- इसके बाद फूलों को ध्यान से निकालो और किसी पुरानी कॉपी या पुराने अखबार में चिपकाओ। इन फूलों को पन्नों पर अलग-अलग तरीके से चिपकाया जा सकता है।
- तुम इन सूखे हुए फूलों से सुंदर कार्ड भी बना सकते हो।
अपने मनपसंद फूल का चित्र बनाओ और नीचे फूल का नाम लिखो।