मराठी

क्या आप क्रांति के समर्थक हैं? क्या क्रांति के द्वारा समाज में व्याप्त अव्यवस्था को दूर किया जा सकता है? कैसे तर्क सहित उत्तर लिखिए। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या आप क्रांति के समर्थक हैं? क्या क्रांति के द्वारा समाज में व्याप्त अव्यवस्था को दूर किया जा सकता है? कैसे तर्क सहित उत्तर लिखिए।

टीपा लिहा

उत्तर

हाँ, मैं समाज में कुरीतियों को दूर करने के लिए क्रांति का समर्थक हूँ। लेकिन जब तक इस समाज में क्रांति की आवश्यकता बनी हुई है तब तक मैं क्रांति का बिगुल बजाता रहता हूँ। लक्ष्य पाने के बाद क्रांति की आवश्यकता होती है। हम ऐसी क्रांति का समर्थन करते हैं।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 20: विप्लव - गायन - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
पाठ 20 विप्लव - गायन
अतिरिक्त प्रश्न | Q 16

संबंधित प्रश्‍न

बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर

कठपुतली ने अपनी इच्छा प्रकट की


बहुविकल्पी प्रश्न

यह गीत कैसा गीत है?


नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गई है। इसे अपनी समझ से पूरा करो।

बच्चा- ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो?
लकड़हारा- यह तो मेरा काम है।
बच्ची – पर यह तो गलत है।
लकड़हारा- यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है।

बच्ची __________________________________________

लकड़हारा _____________________________________

_______________________________________________


इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?

नमूना → सूरज की माँ ने उसको बुला लिया।
  ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा।

काका किसी को ज़ोर-ज़ोर से डाँट रहे हैं।


बादल काका ज़ोर-ज़ोर से क्यों डाँट रहे हैं?


बिजली के घर में तलवार चलाना कौन सीख रहा है?


तुम भी अपने संसार के बारे में कल्पनाएँ ज़रूर करते होंगे। अपने सपनों की दुनिया के बारे में बताओ।


कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


किसको किस रूप में चित्रित किया गया है?


नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए-

(क) तरुवर फल ____________ सचहिं सुजान||

(ख) धरती की-सी ____________ यह देह||


नीचे दिए उदाहरण पढ़िए-

(क) बनत बहुत बहु रीत।

(ख) जाल परे जल जात बहि।

  • उपर्युक्त उदाहरणों की पहली पंक्ति में 'ब' का प्रयोग कई बार किया गया है और दूसरी में 'ज' का प्रयोग। इस प्रकार बार-बार एक ध्वनि के आने से भाषा की सुंदरता बढ़ जाती है। वाक्य रचना की इस विशेषता के अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।

घमंडी की आँख से तिनका निकालने के लिए लोगों ने कपड़े की मूंठ बनाकर तिनके को निकालने का प्रयत्न किया जो विफल रहा।


एक तिनका' कविता में घमंडी को उसकी 'समझ' ने चेतावनी दी-

ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-तिनका कबहूँ न निंदिए, पाँव तले जो होय|कबहूँ उड़ि आँखिन परै, पीर घनेरी होय||

• इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर? लिखिए।


'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ______ कालकूट फणि की चिंतामणि'

(क) 'वही स्वर','वह ध्वनि' एवं 'वही तान' आदि वाक्यांश किसके लिए/ किस भाव के लिए प्रयुक्त हुए हैं?

(ख) वही स्वर, वह ध्वनि एवं वही तान से संबंधित भाव का 'रूद्ध-गीत की क्रुद्ध तान है/ निकली मेरी अंतरतर से' - पंक्तियों से क्या कोई संबंध बनता है?


पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।


मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा ?


बहुविकल्पी प्रश्न

इस कविता में किस ऋतु का वर्णन है


ग्वाल-बालों के हाथ में क्या वस्तु थी?


नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?

क्लेश जहाँ है, फूल खिलेगा।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×