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प्रश्न
लेखन करो:
भारतीय संविधान में उल्लिखित नीति निदेशक सिद्धांतों में सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून का प्रावधान क्यों किया होगा?
सविस्तर उत्तर
उत्तर
- हमारी प्रस्तावना के अनुसार धर्मनिरपेक्षता हमारे लक्ष्यों में से एक है। इसके अनुसार, सभी धर्मों को समान माना जाता है। किसी भी एक धर्म को राज्य का धर्म नहीं माना जाता है और नागरिक अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र हैं।
- साथ ही, भारत को एक ‘सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य’ बनाने के लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों को हमारी प्रस्तावना में शामिल किया गया है।
- नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने से उपरोक्त लक्ष्यों को प्राप्त करने, उपरोक्त सिद्धांतों को समर्थन देने तथा जाति, पंथ, नस्ल, भाषा, क्षेत्र, जन्म स्थान या लिंग के आधार पर व्यक्तियों के बीच किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने में मदद मिलेगी।
- इससे जन कल्याण के बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे राष्ट्र की प्रगति में मदद मिलेगी। इसलिए, नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता का प्रावधान भारतीय संविधान के नीति निर्देशक सिद्धांतों में शामिल किया गया है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?