मराठी

लोगों को क्यों लग रहा था कि किसी ने जानबूझ कर मानो की ईंटें गिराकर रौंदा है? - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लोगों को क्यों लग रहा था कि किसी ने जानबूझ कर मानो की ईंटें गिराकर रौंदा है? 

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

मानो और सुकिया से सूबेसिंह बहुत चिढ़ा हुआ था। वह उनको हर तरह परेशान करने पर आमादा था। जब सुबह मानो ने अपनी थापी हुई ईंटों को जाकर देखा तो कच्ची ईंटें टूटी-फूटी पड़ी थीं। ऐसा लग रहा था जैसे ईंटों को किसी ने जानबूझकर गिराया था। लोग कह रहे थे कि रात में कोई आँधी-तूफान नहीं आया और वह किसी जंगली जानवर का भी काम नहीं लग रहा था। अनेक लोग मानते थे कि ईंटें जानबूझकर तोड़ी गई थीं। सब जानते थे कि वह करतूत सूबेसिंह के अलावा और किसी की नहीं थी। 

shaalaa.com
खानाबदोश
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.6: खानाबदोश - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ७७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antar Class 11
पाठ 1.6 खानाबदोश
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ ७७

संबंधित प्रश्‍न

जसदेव की पिटाई के बाद मज़दूरों का समूचा दिन कैसा बीता?


मानो अभी तक भट्ठे की ज़िंदगी से तालमेल क्यों नहीं बैठा पाई थी?


असगर ठेकेदार के साथ जसदेव को आता देखकर सूबे सिंह क्यों बिफर पड़ा और जसदेव को मारने का क्या कारण था?


जसदेव ने मानो के हाथ का खाना क्यों नहीं खाया ?


मानो को क्यों लग रहा था कि किसी ने उसकी पक्की ईंटों के मकान को धराशाई कर दिया है?


'चल! ये लोग म्हारा घर ना बणने देंगे।' – सुकिया के इस कथन के आधार पर कहानी की मूल संवेदना स्पष्ट कीजिए।


'खानाबदोश' कहानी में आज के समाज की किन-किन समस्याओं को रेखांकित किया गया है? 

इन समस्याओं के प्रति कहानीकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।


सुकिया ने जिन समस्याओं के कारण गाँव छोड़ा वही समस्या शहर में भट्टे पर उसे झेलनी पड़ी - मूलतः वह समस्या क्या थी ? 


'स्किल इंडिया' जैसा कार्यक्रम होता तो क्या तब भी सुकिया और मानो को खानाबदोश जीवन व्यतीत करना पड़ता ? 


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए -

अपने देस की सूखी रोटी भी परदेस के पकवानों से अच्छी होती है।


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए - 

इत्ते ढेर से नोट लगे हैं घर बणाने में। गाँठ में नहीं है पैसा, चले हाथी खरीदने।


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए - 

उसे एक घर चाहिए था - पक्की ईंटों का, जहाँ वह अपनी गृहस्थी और परिवार के सपने देखती थी।


अपने आसपास के क्षेत्र में जाकर ईंटों के भट्ठे को देखिए तथा ईंटें बनाने एवं उन्हें पकाने की प्रकिया का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


भट्ठा-मज़दूरों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार कीजिए।


जाति प्रथा पर एक निबंध लिखिए। 


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×