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'स्किल इंडिया' जैसा कार्यक्रम होता तो क्या तब भी सुकिया और मानो को खानाबदोश जीवन व्यतीत करना पड़ता ? - Hindi (Elective)

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प्रश्न

'स्किल इंडिया' जैसा कार्यक्रम होता तो क्या तब भी सुकिया और मानो को खानाबदोश जीवन व्यतीत करना पड़ता ? 

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

'स्किल इंडिया' कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत के सभी श्रम शक्ति को किसी विशेष कार्य में माँग के अनुरूप कार्यकुल बनाना है। साधारण मजदूर की अधिक पूछ नहीं होती क्योंकि ऐसे लोग सरलता से मिल जाते हैं। साधारण मजदूर को नियोक्ता चाहे जब निभाता देते हैं। अतः उनको नौकरी के लिए खानाबदोशों की भाँति भटकना पडता है। जो कर्मचारी माँग और विकास के अनुरूप अपने काम में दक्ष होता है, उसे नौकरी पाने में विशेष श्रम नहीं करना पड़ता है। अतः उस समय यदि 'स्किल इंडिया' जैसा कार्यक्रम उस समय चल रहा होता तो सुकिया और मानो किसी भी धंधे में विशेष योग्यता पा लेते और टिककर एक ही ठिकाने पर काम करते। उन्हें 'खानाबदोश' नहीं बनना पड़ता। 

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खानाबदोश
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पाठ 1.6: खानाबदोश - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ७७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antar Class 11
पाठ 1.6 खानाबदोश
प्रश्न-अभ्यास | Q 10. | पृष्ठ ७७

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