मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी वाणिज्य (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १२ वी

‘माँकेचरणों मेंस्वर्ग होता है’, इस कथन पर अपने विचार लिखिए । - Hindi

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘माँकेचरणों मेंस्वर्ग होता है’, इस कथन पर अपने विचार लिखिए ।

टीपा लिहा

उत्तर

कहा जाता है कि माता के चरणों में स्वर्ग होता है। संसार का सुंदर व प्यारा शब्द है 'माँ'। इसमें कितनी मिठास भरी है। माँ का दर्जा देवताओं से भी बढ़कर है। हमने परमात्मा को नहीं देखा, भगवान को नहीं देखा। हमारी माँ हमारे लिए भगवान का ही रूप है। परमात्मा इस सृष्टि का पालन करता है, यह हम सभी जानते हैं। माता के चरणों का स्पर्श करने से बल, बुद्धि, विद्या और आयु प्राप्त होती है। कितने कष्टों को सहकर माँ बच्चे को जन्म देती है, उसके पश्चात अपने स्नेहरूपी अमृत से सींचकर उसे बड़ा करती है। माता- पिता के चरणों में स्वर्ग होता है, उनके आशीर्वाद से हमें हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। हर कष्ट से मुक्ति मिलती है। उनका आदर और सम्मान करना हमारा सबसे पहला धर्म है। आज संसार में हमारा जो भी अस्तित्व है, जो भी पहचान है, उसका संपूर्ण श्रेय हमारे माता- पिता को ही जाता है। विवेकी पुत्र अपने माता-पिता की आज्ञा की अवहेलना करके एक कदम भी नहीं चलते। साथ ही लालच के कारण, धन के लिए माता-पिता की आज्ञा का उल्लंघन करने वालों की भी समाज में कमी नहीं है। आज आवश्यकता है मातृदेवो भव वाली वैदिक अवधारणा को एक बार पुनःप्रतिष्ठित करने की। तभी भारतीय समाज अपनी प्राचीन गरिमा को प्राप्त कर सकेगा।

shaalaa.com
कोखजाया
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: कोखजाया - अभिव्यक्त [पृष्ठ ६२]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Yuvakbharati 12 Standard HSC Maharashtra State Board
पाठ 11 कोखजाया
अभिव्यक्त | Q 2 | पृष्ठ ६२

संबंधित प्रश्‍न

परिणाम लिखिए :

मौसा अचानक चल बस - __________________


परिणाम लिखिए :

दिलीप उच्च शिक्षा के लिए लंदन चला गया - __________________


कृति पूर्ण कीजिए :

बोर्ड पर लिखा वृद्धाश्रम का नाम - ____________


कृति पूर्ण कीजिए :

दिलीप और रघुनाथ का रिश्ता - ____________


‘कोखजाया’ कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए ।


मौसी की स्वभावगत विशेषताएँ लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए।

‘मनुष्य के स्वार्थ के कारण रिश्तों में आई दूरी’, ‘कोखजाया’ इस पाठ के आधार पर अपना मंतव्य लिखिए।


जानकारी लिखिए:

‘कोखजाया’ कहानी के हिंदी अनुवादक का नाम लिखिए।


कहानी विधा की विशेषता लिखिए।


निम्नलिखित पठित परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कुछ दिनों के बाद मेरे पिता जी नाना के ही गाँव में आकर बस गए। अब हम लोगों का गाँव नाना का गाँव ही है। इसलिए मौसी से संबंध कुछ अधिक ही गाढ़ा है। मेरी पढ़ाई-लिखाई में भी मौसी का ही योगदान है। मौसी का बेटा दिलीप हमसे आठ बरस छोटा था। वह अपने माँ-बाप की इकलौती संतान था। वह पढ़ने में मौसा की तरह ही काफी प्रतिभावान था।

मैं पढ़-लिखकर नौकरी करने लगा। मौसी से भेंट-मुलाकात कम हो गई। दिलीप का एडमिशन जब एम्स में हुआ था तो मौसा की पोस्टिंग दिल्ली में ही थी। उसने मेडिकल की पढ़ाई भी पूरे ऐश-ओ-आराम के साथ की थी। आगे की पढ़ाई के लिए वह लंदन चला गया। एक बार जो वह लंदन गया तो वहीं का होकर रह गया। जब तक विवाह नहीं हुआ था तब तक तो आना-जाना प्राय: लगा रहता था। विवाह के बाद उसकी व्यस्तता बढ़ती गई तो आना-जाना भी कम हो गया। मौसी भी कभी-कभी लंदन आती-जाती रहती थीं।

मौसी जब कभी अपनी ससुराल आती थीं तो नैहर भी अवश्य आती थीं। एक बार गाँव में अकाल पड़ा था। वह अकाल दूसरे वर्ष भी दुहरा गया। पूरे इलाके में हाहाकार मचा था। मौसी उन लाेगों की हालत देखकर द्रवित हो गईं। उसने अपनी ससुराल से सारा जमा अन्न मँगवाया और बाजार से भी आवश्यकतानुसार क्रय करवाया। तीसरे ही दिन से भंडारा खुल गया। मौसी अपने गाँव की ही नहीं बल्कि पूरे इलाके की आदर्श बेटी बन गई थीं।

मैं बर्लिन में ही था कि यहाँ बहुत कुछ घट गया। जीवन के सभी समीकरण उलट-पुलट गए। मौसा अचानक हृदय गति रुक जाने के कारण चल बसे। मौसी का जीवन एकाएक ठहर-सा गया। मौसा का अंतिम संस्कार दिलीप के आने के बाद संपन्न हुआ था। मौसा का श्राद्ध उनके गाँव में जाकर संपन्न किया गया। 

वे लोग जब गाँव से वापस आए तो दिलीप का रंग-ढंग बदला हुआ था। वह पहले मौसा की पेंशन मौसी के नाम से ट्रांसफर करवाने और लंदन ले जाने के लिए वीज़ा बनवाने के काम में लग गया। उसी के बहाने उसने मौसी से कई कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए। मौसी उसके कहे अनुसार बिना देखे-सुने हस्ताक्षर करती रहीं। उसे भला अपने ही बेटे पर संदेह करने का कोई कारण भी तो नहीं था। जब तक वह कुछ समझ पातीं; उसका जमीन, मकान सब हाथ से निकल चुका था। दिलीप ने धोखे से उस मकान का सौदा आठ करोड़ रुपये में कर दिया था। मौसी को जब इसका पता चला तो उसने एक बार विरोध तो किया परंतु दिलीप ने यह कहकर चुप करा दिया, ‘जब तुम भी मेरे साथ लंदन में ही रहोगी तो फिर यहाँ इतनी बड़ी संपत्ति रखने का कोई औचित्य नहीं है।’

1. संजाल पूर्ण कीजिए:  (2)

2. उपर्युक्त परिच्छेद से शब्द चुनकर उनमें प्रत्यय लगाकर नए शब्द बनाइए:  (2)

  1. साहस + इक - ______
  2. रंग + ईन - ______
  3. संबंध + इत - ______
  4. संदेह + पूर्ण - ______

3. निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए।   (2)

'वृद्धाश्रम: घटते जीवन मूल्यों का प्रतीक' इस विषय पर अपना विचार स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का मात्र एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

लेख विधा की विशेषताएँ लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×