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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता ७ वी

मैंने समझा दाे लघुकथाएँ पाठ से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

मैंने समझा दाे लघुकथाएँ पाठ से 

दीर्घउत्तर

उत्तर

इस पाठ से मैंने बीरबल की बुद्धिमत्ता, चतुराई और तर्कशक्ति को समझा। बीरबल हर कठिन परिस्थिति में धैर्य और समझदारी से काम लेते हैं। उन्होंने अकबर द्वारा दिए गए असंभव कार्यों को भी अपनी सूझबूझ से हल किया।

पहली कहानी में, जब अकबर ने ऐसा घोड़ा लाने को कहा जो दुनिया में कहीं भी न हो, तो बीरबल ने अपने तर्क से यह सिद्ध कर दिया कि ऐसा घोड़ा लाना संभव नहीं है। इससे यह सीख मिलती है कि बुद्धि से हर समस्या का हल निकाला जा सकता है।

दूसरी कहानी में, चित्रकार को न्याय दिलाने के लिए बीरबल ने अपनी चालाकी का उपयोग किया। उन्होंने एक दर्पण के माध्यम से सेठ की चालाकी को उजागर किया और चित्रकार को उसका मेहनताना दिलवाया। इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें किसी की मेहनत की कदर करनी चाहिए और न्याय का साथ देना चाहिए।

कुल मिलाकर, इस पाठ से मैंने बुद्धिमत्ता, तर्कशक्ति, न्यायप्रियता और समस्याओं को हल करने की कला को समझा। बीरबल जैसे गुण हमें अपने जीवन में अपनाने चाहिए ताकि हम भी किसी भी कठिनाई को समझदारी और धैर्य से हल कर सकें।

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उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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पाठ 2.03: दाे लघुकथाएँ - मैंने समझा [पृष्ठ ३३]

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बालभारती Hindi - Sulabhbharati 7 Standard Maharashtra State Board
पाठ 2.03 दाे लघुकथाएँ
मैंने समझा | Q (१) | पृष्ठ ३३
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