Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मैंने समझा हे मातृभूमि कविता से
एका वाक्यात उत्तर
उत्तर
मातृभूमि की सेवा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आवश्यकता पड़ने पर अपने देश के लिए अपना सर्वस्व निछावर करने वाला ही मातृभूमि का सच्चा सपूत होता है।
shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मैंने समझा सौहार्द कविता से
।। वृक्षवल्ली आम्हां सोयरे वनचरे।।
।। बिन माँगे मोती मिले।।
मैंने समझा हम चलते सीना तान के कविता से
प्लास्टिक, थर्माकोल आदि प्रदूषण बढ़ाने वाले घटकों का उपयोग हानिकारक है।
चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:
____________
प्रत्येक का अपना-अपना महत्त्व होता है।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:
निम्नलिखित विषय पर 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए -
परीक्षा के दिन
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |