मराठी

‘मेघ आए’ कविता में नदी किसका प्रतीक है? वह पूँघट सरकाकर किसे देख रही है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘मेघ आए’ कविता में नदी किसका प्रतीक है? वह पूँघट सरकाकर किसे देख रही है?

एका वाक्यात उत्तर

उत्तर

‘मेघ आए’ कविता में नदी गाँव की उस विवाहिता स्त्री का प्रतीक है जो अभी भी परदा करती है। वह किसी अजनबी या रिश्तेदार के सामने घूघट करती है। वह गाँव आ रहे बादल रूपी मेहमान को पूँघट सरकाकर देख रही है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 15: मेघ आए - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 15 मेघ आए
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

संबंधित प्रश्‍न

गोपी किस तरह के वस्त्र धारण करना चाहती है और क्यों?


गोपियाँ ब्रज के लोगों से क्या कहना चाहती हैं और क्यों ?


ब्रजभूमि के प्रति कवि का प्रेम किन-किन रूपों में अभिव्यक्त हुआ है?


कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है?


कवि की अँगुलियाँ किस पर गाने लिख रही थीं और कैसे?


जेल में कैदी के रूप में कवि को क्या-क्या काम करना पड़ा?


हंस किसके प्रतीक हैं? वे मानसरोवर छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं?


‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ कविता में किस चिड़िया का वर्णन है? यह चिड़िया किसका प्रतीक हो सकती है?


‘मेघ आए’ कविता में एक साल बाद अपने पति मेघ को देखकर नवविवाहिता नायिका की क्या दशा हुई?


कभी-कभी उचित-अनुचित के निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×