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‘मेघ आए’ कविता में नदी किसका प्रतीक है? वह पूँघट सरकाकर किसे देख रही है? - Hindi Course - A

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Question

‘मेघ आए’ कविता में नदी किसका प्रतीक है? वह पूँघट सरकाकर किसे देख रही है?

One Line Answer

Solution

‘मेघ आए’ कविता में नदी गाँव की उस विवाहिता स्त्री का प्रतीक है जो अभी भी परदा करती है। वह किसी अजनबी या रिश्तेदार के सामने घूघट करती है। वह गाँव आ रहे बादल रूपी मेहमान को पूँघट सरकाकर देख रही है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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Chapter 15: मेघ आए - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 15 मेघ आए
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

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