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प्रश्न
‘मेरे सपनों का भारत’ इस कल्पना का विस्तार अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर
‘मेरे सपनों का भारत’
मैं चाहता हूँ कि मेरा भारत फिर से 'सोने की चिड़िया' के रूप में उभरे। मेरा सपनों का भारत सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, राजनीतिक, कृषि, विज्ञान, खनिज, अनुसंधान आदि सभी क्षेत्रों में प्रगति करे। मैं अक्सर सोचता हूँ कि भविष्य में मेरा प्रिय भारत कैसा होगा। आज के भारतीय समाज में लड़का और लड़की के बीच का भेदभाव एक बड़ी समस्या है। मेरे सपनों का भारत किसी अन्य देश पर निर्भर न होकर सुई से लेकर बड़ी मशीनें और मिसाइलें तक सभी प्रकार के सामान स्वदेशी रूप से बनाए। पहले के समय में लड़कियों की शिक्षा की उपेक्षा की जाती थी और वे आर्थिक रूप से पिता, भाई, पति या पुत्र पर निर्भर रहती थीं। इस पर कदम उठाना चाहिए कि हर लड़की शिक्षित हो। इससे हमारे देश के बेरोजगार युवा-वर्ग को प्रशिक्षण और रोजगार मिलेगा और हमारा देश आत्मनिर्भर भी बनेगा। लेकिन आज लड़कियाँ हर क्षेत्र में लड़कों के समान कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं और गृहस्थी को संभालने में समान योगदान दे रही हैं। तो इन दोनों के बीच यह भेदभाव क्यों होना चाहिए? मेरे सपनों के भारत में यह भेदभाव समाप्त होगा। मेरे सपनों के भारत में सभी जाति और धर्म के लोग मिलकर रहेंगे, एक-दूसरे के धर्म को सम्मान और प्यार देंगे। मेरे भारत का हर नागरिक अपनी संस्कृति, संस्कार और परंपराओं का आदर करेगा। दूसरी बड़ी समस्या प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की है। आने वाले समय में मेरे देशवासी वृक्षों के महत्व को समझेंगे और अपने निजी लाभ के लिए वृक्षों को काटना बंद करेंगे। मेरे सपनों के भारत में अमीरी-गरीबी की दीवार मिट जाएगी और सभी सुखी और संपन्न जीवन बिताएंगे। इसके स्थान पर देश को हरा-भरा बनाने में सभी सहयोग करेंगे, जिससे मेरे भारत में हर तरफ हरियाली होगी, जिससे प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग में कमी आएगी। ऐसा होगा मेरे सपनों का भारत!
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