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प्रश्न
‘स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं’, इस विधान पर स्वमत दीजिए।
उत्तर
‘स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं’
हमारे संविधान ने हम सबको कुछ अधिकार दिए हैं, उनमें से एक है 'स्वतंत्रता का अधिकार' स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं। हम भारत देश के स्वतंत्र नागरिक हैं परंतु इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि हमको अपने मन के अनुसार कुछ भी करने का अधिकार मिल गया है। हमारा संविधान हमें इस बात की स्वतंत्रता देता है कि हम देश के किसी भी हिस्से में आजा सकते हैं, और वहाँ अपना निवास स्थान बना सकते हैं। स्वतंत्र भारत में हम जिस स्वतंत्रता का आनंद उठा रहे हैं, वह हमारे वीर स्वतंत्रता सेनानियों के परिश्रम और बलिदान के कारण हमें प्राप्त हुई है। हमें इस बात की स्वतंत्रता है कि हम अपनी बात को किसी के भी सामने बिना डरे और बिना किसी दबाव के कह सकते हैं। हम पर कोई दबाव डालकर अपनी बात पर राजी नहीं कर सकता। इससे पूर्व न तो हमें स्वतंत्रता थी और न ही हमें विचारों की अभिव्यक्ति का अधिकार था। संविधान दूवारा हमें अनेक अधिकार प्रदान किए गए हैं। हम देश के नियम और कानून की सीमाओं में बैँधे हैं। हम स्वतंत्र हैं, लेकिन संविधान हमें इस बात की स्वतंत्रता नहीं प्रदान करता है कि हम किसी के साथ अन्याय करें। हमें स्वतंत्रता प्राप्त है स्वच्छंदता नहीं।यदि नियम और कानून न हों तो समाज में जंगल राज व्याप्त हो जाएगा। देश में नियम और कानून बनाए रखने के लिए हमारे भी कुछ कर्तव्य हैं, जिनका हमें पालन करना चाहिए। अपनी स्वतंत्रता के अधिकार के नाम पर किसी अन्य की स्वतंत्रता को नहीं छीन सकते हैं। अभिप्राय यह कि हम अपनी स्वतंत्रता के लिए किसी और की स्वतंत्रता को नहीं छीन सकते हैं; कानून का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि “स्वतंत्रता का आर्थ 'स्वच्छंदता' कभी नहीं हो सकता है।
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