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प्रश्न
मनुष्यों में भाषा का अर्जन किस प्रकार होता है?
उत्तर
आयु के विभिन्न स्तरों पर मनुष्य किस प्रकार भाषा को अर्जित करता है एवं कैसे उसका उपयोग करता है यह विचारणीय प्रश्न है। कुछ क्षण सोचें. आप जो कहना चाहते हैं उसकी अभिव्यक्ति के लिए यदि आपके पास भाषा न हो तो क्या होगा ? भाषा के अभाव में अपने विचारों एवं अनुभूतियों को संप्रेषित करने में आप सक्षम नहीं होंगे और न ही आपके पास यह जानने का अवसर होगा कि दूसरे क्या सोचते या अनुभव करते हैं। एक बच्चे के रूप में आपने पहली बार जब 'माँ, माँ, माँ' कहना प्रारंभ किया तो न केवल आपको इस क्रिया को अनवरत दोहराने के लिए अत्यधिक बढ़ावा दिया, बल्कि यह आपके माता- पिता तथा अन्य पालनकर्ताओं के लिए भी हर्ष एवं आनंद का एक अदृभुत क्षण था। धीरे-धीरे आपने 'माँ' और 'पापा' कहना सीख लिया और अपनी आवश्यकताओं, अनुभूतियों तथा विचारों को संप्रेषित करने के लिए कुछ समय बाद आपने दो या अधिक शब्दों को जोड़ा। परिस्थितियों के लिए उपयुक्त शब्दों को आपने सीखा और इन शब्दों से एक वाक्य बनाने के नियमों को भी आपने सीखा। आरंभ में आपने घर में प्रयुक्त होने वाली भाषा (प्राय: मातृभाषा) में संप्रेषण करना सीखा, स्कूल गए और शिक्षण की औपचारिक भाषा (अनेक स्थितियों में यह भाषा मातृभाषा से भिन्न होती है) को सीखा और ऊपर की कक्षाओं में प्रोन्रन किए गए तथा अन्य भाषाओं को सीखा। यही भाषा अर्जन की प्रक्रिया है।