Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मथुरा शिल्पशैली का उदय _________ के शासनकाल में हुआ।
पर्याय
कुषाण
गुप्त
राष्ट्रकूट
मौर्य
उत्तर
मथुरा शिल्पशैली का उदय कुषाण के शासनकाल में हुआ।
स्पष्टीकरण:
मथुरा कला विद्यालय ने भारतीय प्रतिमा विज्ञान से परिचित कराया। विभिन्न माध्यमों में देवी-देवताओं की मूर्तिकला मुख्य रूप से इसी विद्यालय में की जाती थी। इस काल में शिव-पार्वती, नटराज, लक्ष्मी, विष्णु आदि देवी-देवताओं की कांस्य मूर्तियाँ बनाई गईं।
संबंधित प्रश्न
निम्न से असत्य जोड़ी में सुधार कर पुनः लिखिए।
टिप्पणी लिखिए।
हेमाड़पंती शैली
निम्न कथनों को कारणसहित स्पष्ट कीजिए।
कला के इतिहास का गहन अध्ययन करने वाले तज्ञों की आवश्यकता होती है।
निम्न कथन को कारणसहित स्पष्ट कीजिए।
चित्रकथी जैसी विलुप्त होती जा रही परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।
निम्न सारिणी पूर्ण कीजिए।
मंदिर स्थापत्य शैली | नागर | द्राविड़ | हेमाड़पंती |
विशेषताएँ | |||
उदाहरण |
भारत की मुस्लिम स्थापत्य शैली की सोदाहरण विशेषताएँ लिखिए।
नीचे दिए गए चित्र का निरीक्षण कीजिए और निम्न मुद्दों के आधार पर वारली चित्रकला के विषय में जानकारी लिखिए।
(अ) प्रकृति का चित्रण
(ब) मानवाकृतियों का आरेखन
(क) व्यवसाय
(ड) मकान
निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए: