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प्रश्न
मुझे असल में साँप ने नहीं काटा था। फिर मैंने अपनी कहानी का नाम जब मुझको साँप ने काटा क्यों रखा है? तुम इससे भी अच्छा कोई नाम सोचकर बताओ।
उत्तर
मैंने कहानी का यह नाम इसलिए रखा, क्योंकि नाना-नानी तथा झाड़-फूँक वाले ने यही समझा कि मुझे साँप ने काटा है।
इस कहानी का शीर्षक- ‘झाड़-फूँक’ या ‘नाना की नासमझी’ हो सकता है।
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संबंधित प्रश्न
नाना मुझे झाड़-फूँक वाले आदमी के पास क्यों ले गए?
मैं बूढ़े आदमी को क्या बताना चाहता था?
जब साँप नारियल के खोल में घुस गया तो मैंने क्या किया था? मैंने ऐसा क्यों किया होगा?
कहानी में लड़के को बर्र काट लेती है। बर्र का डंक होता है। कुछ और कीड़ों (जंतुओं) का नाम लिखो जो डंक मारते हैं।
______ ______ ______ ______
मैं बूढ़े को कुछ बताना चाहता था पर बता नहीं सका। क्या तुम्हारे साथ भी कभी ऐसा हुआ है?
क्या तुमने कभी साँप देखा है? तुमने साँप कहाँ देखा? उसे देखकर तुम्हें कैसा लगा?
नारियल के खोल जैसी और कौन-सी चीज़ों में साँप छिप सकता था?
नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं। उन शब्दों में से कुछ शब्द घर से संबंधित हैं। उन पर रेखा खीचों।
अहाता |
आँगन |
बरामदा |
ज़ीना |
अटारी |
आला |
घेर |
सीढ़ी |
छत |
सड़क |
रसोई |
छज्जा |
दालान |
अस्तबल |
रहट |
नहर |
पुलिया |
जोहड़ |
डाकघर |
टाँड |
कमरा |
मुँडेर |
नीचे लिखे वाक्य का मतलब बताओ।
साँप पास की झाड़ी में गायब हो गया।
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
नानी चीख उठी साँप
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
साँप धीरे-धीरे रेंग रहा था
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
चुपचाप बैठो हिलना-डुलना मत
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
तुम्हें यह कहानी कैसी लगी
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
। | ! | ? |
अहा कितनी मीठी है
तुम लड़के को क्या कहोगे? कारण देकर बताओ।
(याद रखो वह खोल में साँप लेकर भागा था।)