मराठी

नदियों को माँ मानने की परंपरा हमारे यहाँ काफ़ी पुरानी है। लेकिन लेखक नागार्जुन उन्हें और किन रूपों में देखते हैं? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

नदियों को माँ मानने की परंपरा हमारे यहाँ काफ़ी पुरानी है। लेकिन लेखक नागार्जुन उन्हें और किन रूपों में देखते हैं?

टीपा लिहा

उत्तर

लेखक नदियों को माँ मानने की परपंरा से पहले इन नदियों को स्त्री के सभी रूपों में देखता है जिसमें वो उसे बेटी के समान प्रतीत होती है। इसलिए तो लेखक नदियों को हिमालय की बेटी कहता है। कभी वह इन्हें प्रेयसी की भांति प्रेममयी कहता है, जिस तरह से एक प्रेयसी अपने प्रियतम से मिलने के लिए आतुर है उसी तरह ये नदियाँ सागर से मिलने को आतुर होती हैं, तो कभी लेखक को उसमें ममता के स्वरूप में बहन के समान प्रतीत होती है जिसके सम्मान में वो हमेशा हाथ जोड़े शीश झुकाए खड़ा रहता है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: हिमालय की बेटियाँ - लेख से [पृष्ठ १५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
पाठ 3 हिमालय की बेटियाँ
लेख से | Q 1 | पृष्ठ १५

संबंधित प्रश्‍न

बहुविकल्पी प्रश्न

गांधी जी क्या बना रहे थे?


मिठाईवाला पहले क्या था?


धनराज ने कृत्रिम घास पर सबसे पहले हॉकी कब खेली?


तुम्हारे स्कूल से भागने के कौन-कौन से बुरे परिणाम हो सकते हैं?


समझो
अजीब-अजीब
धीरे-धीरे
अभी-अभी
ज्यों-ज्यों
चूर-चूर
हिसाब-किताब
जब-तब
खेल-तमाशा
हड्डी-पसली


नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-

पुरु ______


नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-

______त्रु


सामाजिक, पारंपारिक, ये शब्द इक (तद्धित) प्रत्यय लगाकर बनाए गए हैं। इसी प्रकार इक प्रत्यय लगाकर पाँच शब्द बनाओ।


कागज़ पर किसी नन्हें हाथ की छाप थी।


पढ़ो और समझो

बालक - बालिका


तुम्हें विश्वेश्वरैया की कौन सी बात सबसे अच्छी लगी? क्यों?


पेड़ और खंभे में दोस्ती कैसे हुई?


आपने देखा होगा कि नाटक के बीच-बीच में कुछ निर्देश दिए गए हैं। ऐसे निर्देशों से नाटक के दृश्य स्पष्ट होते हैं, जिन्हें नाटक खेलते हुए मंच पर दिखाया जाता है, जैसे-'सड़क/रात का समय...दूर कहीं कुत्तों के भौंकने की आवाज़।' यदि आपको रात का दृश्य मंच पर दिखाना हो तो क्या-क्या करेंगे, सोचकर लिखिए।


किस घटना को याद कर पेड़ थर-थर काँपने लगता है?


पेट में कीड़े क्यों हो जाते हैं? इनसे कैसे बचा जा सकता है?


सेठ माधवदास ने चिड़िया की माँ के विषय में क्या कहा?


माधवदास ने जीवन के अकेलेपन को दूर करने का क्या तरकीब निकाला?


माधवदास ने अंत में चिड़िया को कैसे पकड़वाना चाहा?


पाठ में खोजकर देखिए-कब सूरज का ताप यासुकी-चान और तोत्तो-चान पर पड़ रहा था, वे दोनों पसीने से तरबतर हो रहे थे और कब बादल का एक टुकड़ा उन्हें छाया देकर कड़कती धूप से बचाने लगा था। आपके अनुसार इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण क्या हो सकता है?


रिक्त स्थान भरो -

नमूना → गुड़िया जैसी सुंदर

हाथी जैसा ______


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×