Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीले लिटमस पत्र को एक विलयन में डुबोया गया। यह नीला ही रहता है। विलयन की प्रकृति क्या है? समझाइए।
उत्तर
- हम जानते हैं कि क्षारीय और उदासीन विलयन नीले लिटमस पेपर का रंग नहीं बदलते हैं। चूँकि नीला लिटमस घोल में डुबाने के बाद भी नीला ही रहता है, इसलिए विलयन या तो क्षारीय या उदासीन प्रकृति का होता है।
- इस विलयन की एक बूँद लाल लिटमस पेपर पर डालें। यदि यह नीला हो जाता है, तो उपरोक्त विलयन क्षारीय प्रकृति का है और यदि कोई रंग परिवर्तन नहीं होता है, तो यह उदासीन है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
क्या आसुत जल अम्लीय/क्षारकीय/उदासीन होता है? आप इसकी पुष्टि कैसे करेंगे?
सोडियम हाइड्रॉक्साइड नीले लिटमस को लाल कर देता है।
सूचक वह पदार्थ है, जो अम्लीय और क्षारकीय विलयनों में भिन्न रंग दिखाता है।
आपको तीन द्रव दिए गए हैं, जिनमें से एक हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है, दूसरा सोडियम हाइड्रॉक्साइड और तीसरा शक्कर का विलयन है। आप हल्दी को सूचक के रूप में उपयोग करके उनकी पहचान कैसे करेंगे?
(क) अम्ल और क्षारक दोनों सभी सूचकों के रंगों को परिवर्तित कर देते हैं।
(ख) यदि कोई सूचक अम्ल के साथ रंग परिवर्तित कर देता है, तो वह क्षारक के साथ रंग परिवर्तन नहीं करता।
(ग) यदि कोई सूचक क्षारक के साथ रंग परिवर्तित नहीं करता है, तो वह अम्ल के साथ रंग परिवर्तन नहीं करता।
(घ) अम्ल और क्षारक में रंग परिवर्तन सूचक के प्रकार पर निर्भर करता है।
ऊपर लिखे वक्तव्यों में से कौन-से वक्तव्य सही हैं?
अम्लों और क्षारकों के ज्ञान का उपयोग करते हुए, खाने के सोडे और चुकंदर की सहायता से एक गुप्त संदेश लिखिए। समझाइए यह कैसे कार्य करता है।
(संकेत- जल में खाने के सोडे का विलयन बनाइए। इस विलयन का उपयोग सफ़ेद कागज़ की शीट पर रुई के फाहे से संदेश लिखने के लिए कीजिए। संदेश के सूख जाने के बाद उस पर ताजी कटी चुकंदर का एक टुकड़ा मलिए।)
लाल पत्तागोभी के टुकड़ों को जल में उबालकर उसका रस तैयार कीजिए। इसका उपयोग सूचक के रूप में करके इससे अम्लीय और क्षारकीय विलयनों का परीक्षण कीजिए। अपने प्रेक्षणों को एक सारणी में प्रस्तुत कीजिए।