मराठी

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए−आपके विचार से कौन-से ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं? वर्तमान समय में इन मूल्यों की प्रांसगिकता स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
आपके विचार से कौन-से ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं? वर्तमान समय में इन मूल्यों की प्रांसगिकता स्पष्ट कीजिए।

टीपा लिहा

उत्तर

ईमानदारी, सत्य, अहिंसा, परोपकार, परहित, कावरता, सहिष्णुता आदि ऐसे शाश्वत मूल्य हैं जिनकी प्रांसगिकता आज भी है। इनकी आज भी उतनी ही ज़रूरत है जितनी पहले थी। आज के समाज को सत्य अहिंसा की अत्यन्त आवश्यक है। इन्हीं मूल्यों पर संसार नैतिक आचरण करता है। यदि हम आज भी परोपकार, जीवदया, ईमानदारी के मार्ग पर चलें तो समाज को विघटन से बचाया जा सकता है।

shaalaa.com
पतझर में टूटी पत्तियाँ
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.7: पतझर में टूटी पत्तियाँ - लिखित (ख) [पृष्ठ १२२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
पाठ 2.7 पतझर में टूटी पत्तियाँ
लिखित (ख) | Q 2 | पृष्ठ १२२

संबंधित प्रश्‍न

प्रेक्टिकल आइडियालिस्ट किसे कहते हैं?


पाठ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है?


जापानी में चाय पीने की विधि को क्या कहते हैं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना ताँबे से क्यों की गई है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए
'टी-सेरेमनी' में कितने आदमियों को प्रवेश दिया जाता था और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के क्या-क्या कारण बताए? आप इन कारणों से कहाँ तक सहमत हैं?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए
लेखक के अनुसार सत्य केवल वर्तमान है, उसी में जीना चाहिए। लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए 
समाज के पास अगर शाश्वत मुल्यों जैसा कुछ है तो वह आर्दशवादी लोगों का ही दिया हुआ है।


प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट’ किन्हें कहा गया है?


गांधी जी प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट थे। स्पष्ट कीजिए।


व्यवहारवादी लोगों की क्या विशेषताएँ हैं?


समाज के उत्थान में आदर्शवादियों का योगदान स्पष्ट कीजिए।


लेखक के मित्र के अनुसार जापानी किस रोग से पीड़ित हैं और क्यों?


‘जीना इसी का नाम है’ लेखक ने ऐसा किस स्थिति को कहा है?


भारत में भी लोगों की जिंदगी की गतिशीलता में खूब वृद्धि हुई है। इसके कारण और परिणाम का उल्लेख ‘झेन की देन’ पाठ के आधार पर कीजिए।


‘झेन की देन’ पाठ से आपको क्या संदेश मिलता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60-70 शब्दों में लिखिए:

"हमारे सामने जो वर्तमान क्षण है वही सत्य है। उसी में जीना चाहिए।" ‘झेन की देन’ पाठ से उद्धृत लेखक का यह कथन वर्तमान परिस्थितियों में कहाँ तक सत्य है? क्या आप इससे सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

गाँधी जी के बारे में लोग क्या कहते थे, गाँधी जी ने सदा क्या प्रयास किया? 'गिन्‍नी का सोना' पाठ के संदर्भ में लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×