Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित के कारण बताइए।
ऐनिलीन का pKb मेथिलऐमीन की तुलना में अधिक होता है।
उत्तर
जिसकी क्षारीयता कम होती है, उसका pKb अधिक होता है। ऐनिलीन का pKb मेथिलऐमीन की तुलना में अधिक होता है क्योंकि ऐनिलीन की पाँच अनुनादी संरचनाएँ हैं, जिसके कारण उसमें उपस्थित नाइट्रोजन परमाणु के असहभाजित इलेक्ट्रॉन युग्म का बेन्जीन वलय पर अस्थायीकरण होता है। इससे इलेक्ट्रॉन घनत्व घट जाती है और ऐनिलीन इलेक्ट्रॉन प्रदान नहीं करता, अर्थात् ऐनिलीन की क्षारीयता कम होती है।
दूसरी ओर, मेथिलऐमीन में मेथिल समूह की उपस्थिति +I प्रभाव को बढ़ाती है, जिससे नाइट्रोजन परमाणु के ऊपर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ जाता है और वह सहजता से इलेक्ट्रॉन प्रदान करता है, अर्थात्, मेथिलऐमीन अधिक क्षारीय होता है। इसलिए, ऐनिलीन का pKb मेथिलऐमीन की तुलना में अधिक होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ऐनिलीन की बेन्जॉयल क्लोराइड के साथ रासायनिक अभिक्रिया द्वारा उत्पन्न उत्पादों के नाम लिखिए।
अणुसूत्र C3H9N से प्राप्त विभिन्न समावयवों की संरचना लिखिए। उन समावयवों के आईयूपीएसी नाम लिखिए जो नाइट्रस अम्ल के साथ नाइट्रोजन गैस मुक्त करते हैं।
निम्नलिखित युगल का यौगिकों में विभेद के लिए एक रासायनिक परीक्षण दीजिए।
ऐनिलीन एवं बेन्जिलऐमीन
निम्नलिखित को क्रम में लिखिए।
pKb मान के घटते क्रम में –
C2H5NH2, C6H5NHCH3, (C2N5)2NH एवं C6H5NH2
प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक ऐमीनों की पहचान की विधि का वर्णन कीजिए। इन अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
निम्नलिखित पर लघु टिप्पणी लिखिए।
ऐसीटिलन
निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।
\[\ce{C6H5NH2 + H2SO4 {(सांद्र)} ->}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।
\[\ce{C6H5N2Cl + C2H5OH ->}\]
ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन की नाइट्रस अम्ल से अभिक्रिया लिखिए।
निम्नलिखित का संभावित कारण बताइए।
ऐरोमैटिक ऐमीनों की तुलना में ऐलीफैटिक ऐमीनों प्रबल क्षारक होते हैं।