Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित वाक्यों में सरल वाक्य नहीं है -
पर्याय
इतने बादशाहों के नाम याद रखना आसान काम नहीं है।
उनकी ऐसी हालत देखकर मुझे उन पर दया आती थी
न जाने कैसे मैं अपने दरज़े में अव्वल आ गया।
हालाँकि में पास हो गया फिर भी मेरा तिरस्कार हुआ।
उत्तर
हालाँकि में पास हो गया फिर भी मेरा तिरस्कार हुआ।
संबंधित प्रश्न
कोष्ठक मेंदी गई सूचना केअनुसार अर्थ केआधार पर वाक्य परिवर्तन करके फिर से लिखिए :
अपनी समस्याओं पर माँ से खुलकर बात करके उनसे सलाह ले। (प्रश्नात्मक वाक्य)
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य में अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए:
मैं आज रात का खाना नहीं खाऊँगा। (विधानार्थक वाक्य)
ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों :
हलचल
ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों :
सड़क
ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।
प्रलय
रचना के आधार पर वाक्य के भेद पहचानकर कोष्ठक में लिखिए :
हर ओर से अब वह निराश हो गया था। (______)
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
अथवा
निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
इसका हमने तुम्हें न्योता दिया था। (प्रश्नार्थक वाक्य)
निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए।
विनय मुंबई चला गया।
निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
श्याम कल बिमार था इसलिए स्कूल नहीं जा सका।
निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
यदि भगवान ने चाहा तो सेठानी सात दिन में ठीक हो जाएगी।
निम्नलिखित वाक्यों में सरल वाक्य पहचानकर नीचे दिए गए सबसे सही विकल्प को चुनकर लिखिए -
(क) रास्ते और भी सँंकरे होते जा रहे थे।
(ख) हवा बह रही थी और पेड़-पौधे झूम रहे थे।
(ग) सिक्किमी नवयुवक ने मुझे बताया कि प्रदूषण के चलते स्नो-फॉल कम होती जा रही है।
(घ) मीठी झिड़कियाँ देकर उसने गाय को भगा दिया।
कॉलम 1 कॉलम 2 के साथ सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कॉलम 1 | कॉलम 2 | ||
1 | भाई साहब और मैं कनकौआ लूटने के लिए दौड़ रहे थे। | i | संयुक्त वाक्य |
2 | क्योंकि मुझे और भाईसाहब को कनकौआ लूटना था इसीलिए हम दौड़ रहे थे। | ii | सरल वाक्य |
3 | मुझे कनकौआ लूटना था और भाई साहब मेरे साथ दौड़ रहे थे। | iii | मिश्र वाक्य |
'परशुराम के आने पर सब डर गए।' - वाक्य का संयुक्त वाक्य बनेगा -
“जैसे ही वामीरो कुछ सचेत हुई, वह घर की तरफ़ दौड़ पड़ी।” - रचना की दृष्टि से यह वाक्य है:
'जस उसका हाथ उठता ही रहा तो एक दिन मास्टर साहब ने उसे टोक दिया।' रचना के आधार पर उपर्युक्त का वाक्य भेद बताइए।
निम्नलिखित वाक्य के अर्थ के अनुसार भेद लिखिए:
कई दिनों से मैं तुम्हारे चौके में नहीं गई।
निम्नलिखित वाक्य के अर्थ के अनुसार भेद लिखिए:
हाँ राजीव, आओ बैठो।