मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए: भारत का चंद्रयान मिशन-3 - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए: 

भारत का चंद्रयान मिशन-3

लेखन कौशल्य

उत्तर

भारत का चंद्रयान मिशन-3

भारत का चंद्रयान मिशन-3 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा चंद्रमा पर एक और महत्वपूर्ण कदम था, जो भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ। यह मिशन विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि यह चंद्रयान-2 के लैंडर की विफलता के बाद भारत द्वारा चंद्रमा पर एक और सफल लैंडिंग का प्रयास था।

चंद्रयान-3 मिशन 14 जुलाई 2023 को श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर एक लैंडर और रोवर को सुरक्षित रूप से उतारना था, ताकि चंद्रमा की संरचना, खनिजों, और खगोलीय वातावरण का अध्ययन किया जा सके। इस मिशन के तहत लैंडर "विक्रम" और रोवर "प्रज्ञान" को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने का प्रयास किया गया। यह क्षेत्र चंद्रमा के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक अन्वेषित नहीं था और यहाँ पानी की उपस्थिति की संभावना थी।

चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण और लैंडिंग ने भारत को एक नई पहचान दिलाई। इस मिशन की सफलता ने दुनिया भर में भारत की वैज्ञानिक क्षमता को प्रदर्शित किया और भारतीय वैज्ञानिकों के समर्पण और कड़ी मेहनत को सराहा गया। इस मिशन ने भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया जो चंद्रमा पर सफलतापूर्वक मिशन भेजने में सक्षम हैं।

भारत का चंद्रयान मिशन-3 न केवल भारत के लिए बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है, और यह भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को और अधिक मजबूत करेगा।

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