SSC (English Medium)
SSC (Marathi Medium)
SSC (Marathi Semi-English)
Academic Year: 2024-2025
Date & Time: 3rd March 2025, 11:00 am
Duration: 3h
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सूचनाएँ:
- सूचनाओं के अनुसार गद्य, पद्य, पूरक पठन तथा भाषा अध्ययन (व्याकरण) की आकलन कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
- सभी आकृतियों के लिए पेन/पेन्सिल का ही प्रयोग कीजिए।
- रचना विभाग में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए आकृतियों की आवश्यकता नहीं है।
- शुद्ध, स्पष्ट एवं सुवाच्य लेखन अपेक्षित है।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
आँख खुली तो मैंने अपने-आपको एक बिस्तर पर पाया। इर्द-गिर्द कुछ परिचित-अपरिचित चेहरे खड़े थे। आँख खुलते ही उनके चेहरों पर उत्सुकता की लहर दौड़ गई। मैंने कराहते हुए पूछा- "मैं कहाँ हूँ ?" "आप सार्वजनिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में हैं। आपका ऐक्सिडेंट हो गया था। सिर्फ पैर का फ्रैक्चर हुआ है। अब घबराने की कोई बात नहीं।" एक चेहरा इतनी तेजी से जवाब देता है, लगता है मेरे होश आने तक वह इसलिए रुका रहा। अब मैं अपनी टाँगों की ओर देखता हूँ। मेरी एक टाँग अपनी जगह पर सही-सलामत थी और दूसरी टाँग रेत की थैली के सहारे एक स्टैंड पर लटक रही थी। मेरे दिमाग में एक नये मुहावरे का जन्म हुआ। 'टाँग का टूटना' यानी सार्वजनिक अस्पताल में कुछ दिन रहना। सार्वजनिक अस्पताल का खयाल आते ही मैं काँप उठा। अस्पताल वैसे ही एक खतरनाक शब्द होता है, फिर यदि उसके साथ सार्वजनिक शब्द चिपका हो तो समझो आत्मा से परमात्मा के मिलन होने का समय आ गया। अब मुझे यूँ लगा कि मेरी टाँग टूटना मात्र एक घटना है और सार्वजनिक अस्पताल में भरती होना दुर्घटना। |
- उत्तर लिखिए: [2]
- उत्तर लिखिए: [2]
-
- गद्यांश में उल्लेखित अंग्रेजी शब्द लिखिए। [1]
- ..............
- ..............
- निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में उल्लेखित समानार्थी शब्द लिखिए: [1]
- रुग्णालय − .............
- शक्ल − ............
- गद्यांश में उल्लेखित अंग्रेजी शब्द लिखिए। [1]
- सार्वजनिक रुग्णालयों की स्थिति के बारे में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित गदयांश पढ़कर दी गईं सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
हमने अपने जीवन मे बाबू जी के रहते अभाव नहीं देखा। उनके न रहने के बाद जो कुछ मुझपर बीता, वह एक दूसरी तरह का अभाव था कि मुझे बैंक की नौकरीं करनी पड़ी। लेकिन उससे पूर्व बाबू जी के रहते मैं जब जन्मा था तब वे उत्तर प्रदेश में पुलिस मंत्री थे। उस समय गृहमंत्री को पुलिस मंत्री कहा जाता था। इसलिए मैं हमेशा कल्पना किया करता था कि हमारे पास ये छोटी गाड़ी नहीं, बड़ी आलीशान गाड़ी होनी चाहिए। बाबू जी प्रधानमंत्री हुए तो वहाँ जो गाड़ी थी वह थी, इंपाला शेवरलेट। उसे देख-देख, बड़ा जी करता कि मौका मिले और उसे चलाऊँ। प्रधानमंत्री का लड़का था। कोई मामूली बात नहीं थी। सोचते-विचारते, कल्पना की उड़ान भरते एक दिन मौका मिल गया। धीरे-धीरे हिम्मत भी खुल गई थी ऑर्डर देने की। हमने बाबू जी के निजी सचिव से कहा- "सहाय साहब, जरा ड्राइवर से कहिए, इंपाला लेकर रेजिडेंस की तरफ आ जाएँ।" दो मिनट में गाड़ी आकर दरवाजे पर लग गई। अनिल भैया ने कहा- "मैं तो इसे चलाऊँगा नहीं। तुम्हीं चलाओ।" मैं आगे बढ़ा। ड्राइवर से चाबी माँगी। बोला- "तुम बैठो, आराम करो, हम लोग वापस आते हैं अभी।" |
- कृति पूर्ण कीजिए: [2]
- उत्तर लिखिए: [2]
- लेखक यह कल्पना किया करते थे - ...............
- लेखक के जन्म के समय बाबू जी उत्तर प्रदेश में - ...............
- गद्यांश में उल्लेखित विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए: [1]
............ × ........... - गद्यांश में उल्लेखित शब्दयुग्म दूँढ़कर लिखिए: [1]
- .............
- .............
- गद्यांश में उल्लेखित विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- 'सादा जीवन, उच्च विचार' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए: [4]
परोपकार ही मानवता है, जैसा कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने लिखा है - ‘वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे।’ केवल अपने दुख-सुख की चिंता करना मानवता नहीं, पशुता है। परोपकार ही मानव को पशुता से सदय बनाता है। वस्तुतः निस्स्वार्थ भावना से दूसरों का हित साधन ही परोपकार है। मनुष्य अपनी सामर्थ्य के अनुसार परोपकार कर सकता है। दूसरों के प्रति सहानुभूति करना ही परोपकार है और सहानुभूति किसी भी रूप में प्रकट की जा सकती है। किसी निर्धन की आर्थिक सहायता करना अथवा किसी असहाय की रक्षा करना परोपकार के रूप हैं। किसी पागल अथवा रोगी की सेवा-शुश्रूषा करना अथवा किसी भूखे को अन्नदान करना भी परोपकार है। किसी को संकट से बचा लेना, किसी को कुमार्ग से हटा देना, किसी दुखी-निराश को सांत्वना देना-ये सब परोपकार के ही रूप हैं। कोई भी कार्य, जिससे किसी को लाभ पहुँचता है, परोपकार है, जो अपनी सामर्थ्य के अनुसार विभिन्न रूपों में किया जा सकता है। |
- कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से चुनकर तालिका पूर्ण कीजिए:
(सांत्वना, पशुता, सेवा-शुश्रूषा, मानवता, सामर्थ्य)
(1) परोपकार ही ______ (2) केवल अपने सुख-दुख की चिंता करना ______ (3) पागल अथवा रोगी की ______ (4) दुखी-निराश को ______ - 'मानवता ही सच्चा धर्म है' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
विजय केवल लोहे की नहीं, धर्म की रही धरा पर धूम यवन को दिया दया का दान, चीन को मिली धर्म की दृष्टि किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न |
- कृति पूर्ण कीजिए: [2]
- उत्तर लिखिए:
- पद्यांश से लय-ताल युक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- ............. .............
- ............. .............
- निम्नलिखित प्रत्यययुक्त शब्दों के मूलशब्द पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- दयालु -
- प्राकृतिक -
- पद्यांश से लय-ताल युक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा।। दामिनि दमक रहहिं घन माहीं। खल कै प्रीति जथा थिर नाहीं।। बरषहिं जलद भूमि निअराएँ। जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ।। बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे। खल के बचन संत सह जैसे।। छुद्र नदी भरि चली तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई।। भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहिं माया लपटानी।। समिटि-समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्जन पहिं आवा।। सरिता जल जलनिधि महुँ जाई। होई अचल जिमि जिव हरि पाई।। |
- उत्तर लिखिए: [2]
- गरजने वाले − ................
- चमकने वाली − ................
- बूँद के आघात सहने वाले − ................
- दुष्ट के वचन सहने वाले − ................
- पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- निम्न अर्थ के शब्द:
- झुकना − ...............
- मटमैला − ...............
- उपसर्गयुक्त शब्द: [1]
- ...............
- ...............
- निम्न अर्थ के शब्द:
- उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
आज फिर उसे साक्षात्कार के लिए जाना है। अब तक देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, ईमानदारी पर अपने तर्कपूर्ण विचार बड़े विश्वास से रखता आया था लेकिन इसके बावजूद उसके हिस्से में सिर्फ असफलता ही आई थी। साक्षात्कार के लिए उपस्थित प्रतिनिधि मंडल में से एक अधिकारी ने पूछा- "भ्रष्टाचार के बारे में आपकी क्या राय है?" "भ्रष्टाचार एक ऐसा कीड़ा है जो देश को धुन की तरह खा रहा है। इसने सारी सामाजिक व्यवस्था को चिंताजनक स्थिति में पहुँचा दिया है। सच कहा जाए तो यह देश के लिए कलंक है.......।" अधिकारियों के चेहरे पर हलकी सी मुसकान और उत्सुकता छा गई। उसके तर्क में उन्हें रुचि महसूस होने लगी। दूसरे अधिकारी ने प्रश्न किया- "रिश्वत को आप क्या मानते हैं?" "यह भ्रष्टाचार की बहन है जैसे विशेष अवसरों पर हम अपने प्रियजनों, परिचितों, मित्रों को उपहार देते हैं।" |
- कृति पूर्ण कीजिए: [2]
- "भ्रष्टाचार एक कलंक" विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
जीवन नैया रंग-बिरंगे काँटों के बीच |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए: [2]
(i)
हाइकु में उल्लेखित महीना और उसमें आने वाला त्योहार | |
↓ | |
महीना | त्योहार |
↓ | ↓ |
........... | ........... |
(ii)
फूल की विशेषताएँ | |
↓ | ↓ |
........... | ........... |
(2) 'कोशिश करने वालों की हार नहीं होती' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
वे हलुवा-पूड़ी और ताजी दूध-मलाई खाते हैं।
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
और
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
पास
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
कृति पूर्ण कीजिए:
शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
दिग्गज | ........ + ........ | .............. |
Chapter:
कृति पूर्ण कीजिए:
शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
.............. | सदा + एव | .............. |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
वे पुस्तक पकड़े न रख सके।
Chapter:
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निम्नलिखित वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
अवश्य ही लोग खा-पीकर चले गए।
Chapter:
निम्नलिखित क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
देखना | ............. | ............. |
Chapter:
निम्नलिखित क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
तोड़ना | ............. | ............. |
Chapter:
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:
मुहावरा | अर्थ |
मुँह लाल होना | .................... |
वाक्य | .................... |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
मुहावरा | अर्थ |
टाँग अड़ाना | ................. |
वाक्य | .................. |
Chapter:
निम्न वाक्यों में अधोरेखांकित शब्द समूह के लिए कोष्ठक में दिए गए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए:
पंडित बुद्धिराम काकी को देखते ही क्रोध में आ गए।
वाक्य = ______
इज्जत उतारना
हाथ फेरना
काँप उठना
तिलमिला जाना
दुम हिलाना
बोलबाला होना
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त कारकों में से कोई एक कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
चाची अपने कमरे से निकल गयी थी।
कारक चिह्न | कारक भेद |
............ | ............ |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्यों में प्रयुक्त कारकों में से कोई एक कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
कुछ समय विश्राम मिल जाता है।
कारक | कारक भेद |
.......... | .......... |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विराम-चिन्हो का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए:
जल्दी जल्दी पैर बढ़ा
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए:
आराम हराम हुआ है। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए।
वे बाजार से नई पुस्तक खरीदते हैं। (पूर्ण भूतकाल)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए:
मैं खिड़की से गरदन निकालकर झिड़की के स्वर में कहा। (सामान्य भविष्यकाल)
Chapter:
रचना के आधार पर वाक्य के भेद पहचानकर लिखिए:
वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें दोनों हाथों से झटककर बोली।
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
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कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य में अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए:
मैं आज रात का खाना नहीं खाऊँगा। (विधानार्थक वाक्य)
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य में अर्थ के आधार पर परिवर्तन कीजिए:
मानू इतना ही बोल सकी। (प्रश्नार्थक वाक्य)
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
लक्ष्मी का एक झूब्बेदार पूँछ था।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य को व्याकरण नियमों के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए: [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
सामने शेर देखकर यात्री का प्राण मानो मुरझा गया।
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
रोहन/रोहिणी चौगुले, 42, विट्ठल नगर, पंढरपूर से अपने छोटे भाई सोमेश चौगुले, म. फुले छात्रावास, अहमदनगर को मोबाईल के दुष्परिणामों को समझाते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter:
कल्पेश/कल्पना पाटेकर, 99, शिवालय चौक, इगतपुरी से अपनी गलत जन्मतिथि को सुधार करने हेतु प्रधानाचार्य, स्व. भैरोमल तलवाणी विद्यालय, नासिक को पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter:
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर ऐसे पाँच प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
परिच्छेद - १ भारतीय वायु सेना की एक प्रशिक्षणार्थी डॉ. कु. गीता घोष ने उस दिन यह छलाँग लगाकर भारतीय महिलाओं की प्रगति के इतिहास में एक पन्ना और जोड़ दिया था डॉ. घोष पहली भारतीय महिला हैं, जिन्होंने वायुयान से छतरी द्वारा उतरने का साहसिक अभियान किया था। छतरी से उतरने का प्रशिक्षण पूरा करने के लिए हर छाताधारी को सात बार छतरी से उतरना पड़ता है। इनमें से पहली कूद तो रोमांचित होती ही है, वह कूद और भी रोमांचक होती है, जब उसे रात के अँधेरे में कहीं जंगल में अकेले उतरना होता है। डॉ. गीता न पहली कूद में घबराईं, न अन्य कूदों में और इसी प्रकार सातों कूदें उन्होंने सफलतापूर्वक पूरी कर लीं। प्रशिक्षण के दौरान उनका यह कथन कि ‘मैं चाहती हूँ, जल्दी ये कूदें खत्म हों और मैं पूर्ण सफल छाताधारी बन जाऊँ’, उनकी उमंग तथा उत्साह को प्रकट करता है। डॉ. गीता के अनुसार, उनकी डॉक्टरी शिक्षा भी इसी अभियान में काम आई। फिर लगन और नए क्षेत्र में प्रवेश का उत्साह हो तो कौन-सा काम कठिन रह जाता है। प्रशिक्षण से पूर्व तो उन्हें और भी कठिन परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ा था। |
प्रश्न :
१. ______
२. ______
३. ______
४. ______
५. ______
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
सरस्वती विद्यालय, कोल्हापुर में मनाए गए 'शिक्षक दिवस' समारोह का 70 से 80 शब्दों में वृत्तांत लेखन कीजिए।
(वृत्तांत में स्थल, काल और घटना का होना अनिवार्य है।)
Chapter:
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए, तथा सीख लिखिए:
किसान के घर में चोर - घबराना - पत्नी की युक्ति - जोर-जोर से कहना - रुपये गहने घर के पिछवाड़े बंजर जमीन में छिपा दिए हैं - चोरों का बंजर जमीन खोदना - कुछ न मिलना - किसान को आनंद - सीख।
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
एक किसान की आत्मकथा
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
भारत का चंद्रयान मिशन-3
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
चाँदनी रात की सैर
Chapter:
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