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प्रश्न
रोहन/रोहिणी चौगुले, 42, विट्ठल नगर, पंढरपूर से अपने छोटे भाई सोमेश चौगुले, म. फुले छात्रावास, अहमदनगर को मोबाईल के दुष्परिणामों को समझाते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
उत्तर
दिनांक: ३ अगस्त, २०२४
सोमेश चौगुले
म. फुले छात्रावास,
अहमदनगर।
प्रिय छोटे भाई सोमेश,
आशा है कि तुम स्वस्थ और प्रसन्न होंगे। मैं भी यहाँ कुशलपूर्वक हूँ। आज मैं तुम्हें एक महत्वपूर्ण विषय पर पत्र लिख रही हूँ, जो तुम्हारे भविष्य से जुड़ा है।
मुझे पता चला है कि तुम अधिक समय तक मोबाइल का उपयोग करने लगे हो। यह आदत तुम्हारे स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों के लिए हानिकारक हो सकती है। मोबाइल के अधिक उपयोग से आँखों की रोशनी कमजोर हो सकती है, एकाग्रता भंग होती है और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया और गेम्स की लत से पढ़ाई में बाधा आती है, जिससे तुम्हारा ध्यान पढ़ाई से हट सकता है।
मोबाइल का सीमित और सही उपयोग करना ही समझदारी है। पढ़ाई के लिए या आवश्यक कार्यों के लिए ही इसका प्रयोग करो। अनावश्यक वीडियो देखने, देर रात तक मोबाइल चलाने और गेम्स खेलने से बचो। बाहर खेल-कूद में भाग लो, किताबें पढ़ो और अपना समय सही तरीके से व्यतीत करो।
मुझे उम्मीद है कि तुम मेरी बातों को गंभीरता से लोगे और मोबाइल का उपयोग सिर्फ आवश्यक कार्यों के लिए करोगे। माँ-पापा को मेरा प्रणाम कहना और अपना ध्यान रखना। पत्र का उत्तर अवश्य देना।
तुम्हारी प्रिय बहन,
रोहिणी
रोहिणी चौगुले
42, विट्ठल नगर,
पंढरपूर।