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प्रश्न
नर्मदा बचाओं आंदोलन ने नर्मदा घाटी की बाँध परियोजनाओं का विरोध क्यों किया?
थोडक्यात उत्तर
उत्तर
- नर्मदा बचाओं आंदोलन ने कई कारणों के आधार पर नर्मदा पर बनाए जाने वाले इस विशाल बाँध का विरोध किया है -
- बाँध के निर्माण से संबंधित राज्यों के 245 से अधिक गांवों को जलसमाधि मिलती थी। इन गांवों के लोगों के पुनर्वास का प्रश्न सबसे पहला मुद्दा था जिस पर गांववालों ने विरोध आरंभ किया था। इन प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या 2.5 लाख से अधिक थी।
- नर्मदा बचाओं आंदोलन के अंतर्गत यह भी सवाल उठाया गया की विकास का जो प्रारूप अपनाया जा रहा है, वह उचित है या नहीं, इस पर भी पूरी तरह से विचार किया जाए। बाँधों और ङैमों के निर्माण पर होने वाले खर्चों, उनसे समाज के विभिन्न वर्गों, गांवों तथा परिवारों द्वारा भुगते जाने वाले परिणामों का भी पूरी तरह से मूल्यांकन किए बिना बाँध बनाने का निर्णय करना उचित नहीं। विकास की सामाजिक कीमत का सही - सही मूल्यांकन किया जाए तो स्पष्ट हो जाता है की बाँध समाज को विकसीत करने की बजाए नष्ट करने की भूमिका निभाते हैं क्योंकि इनसे बहुत बड़ी संख्या में लोग विस्थापित होते हैं, उनकी आजीविका पर प्रभाव पड़ता है और विस्थापित लोगों का सांस्कृतिक शोषण भी होता है क्योंकि पुनर्वास के बाद लोग न तो आजीविका की दृष्टी से दूसरी जगह आसानी से जम पाते हैं और न ही सांस्कृतिक दृष्टी से। उनका संस्कृतिक विकास प्रभावित होता हैं।
- पर्यावरण के प्रति सतर्क संगठनों का यह कहना है की बांधों के निर्माण से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ा हैं, पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है और जलवायु में भी परिवर्तन आता है।
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नर्मदा बचाओ आंदोलन
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?