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न्यायिक सक्रियता मौलिक अधिकारों की सुरक्षा में किस रूप में जुड़ी है? क्या इससे मौलिक अधिकारों के विषय-क्षेत्र को बढ़ाने में मदद मिली है? - Political Science (राजनीति विज्ञान)

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प्रश्न

न्यायिक सक्रियता मौलिक अधिकारों की सुरक्षा में किस रूप में जुड़ी है? क्या इससे मौलिक अधिकारों के विषय-क्षेत्र को बढ़ाने में मदद मिली है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

न्यायिक सक्रियता मौलिक अधिकारों की सुरक्षा से पूर्ण रूप से जुड़ी है। इसने मौलिक अधिकारों के विषय-क्षेत्र को भी काफी विस्तृत कर दिया है। न्यायपालिका ने जीने के अधिकार का अर्थ यह लिया है–सम्मानपूर्ण जीवन, शुद्ध वायु, शुद्ध पानी तथा शुद्ध वातावरण में जीने का अधिकार। इसीलिए न्यायपालिका में पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने, प्रदूषण को रोकने, नदियों को साफ-सुथरा रखे जाने, उद्योगों को आवासीय क्षेत्र से बाहर निकाले जाने, आवासीय क्षेत्रों से दुकानों को हटाए जाने आदि के कितने ही आदेश दिए हैं। इस प्रकार न्यायपालिका ने न्यायिक सक्रियता द्वारा नागरिकों के मौलिक अधिकारों के क्षेत्र को काफी व्यापक बनाया है।

जनहित याचिका गरीबों को भेदभाव के खिलाफ लड़ने में मदद करती है।

  1. अमानवीय काम करने की स्थिति, बच्चों का यौन शोषण, पुलिस द्वारा जेल के कैदियों को अंधा करना कुछ ऐसे मामले हैं जिन पर अदालतों ने विचार किया है, जिसने गरीब और वंचित लोगों के लिए अधिकारों को सार्थक और उपयोगी बना दिया है।
  2. बेहतर रहने की स्थिति जैसे स्वच्छ हवा और पानी और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण से संबंधित मुद्दों ने भी मौलिक अधिकारों के दायरे के विस्तार में मदद की है।
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न्यायपालिका और अधिकार
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पाठ 6: न्यायपालिका - प्रश्नावली [पृष्ठ १४९]

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एनसीईआरटी Political Science [Hindi] Class 11
पाठ 6 न्यायपालिका
प्रश्नावली | Q 10. | पृष्ठ १४९
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