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पास-पास रखे कुंडलियों के एक युग्म का अन्योन्य प्रेरकत्व 1.5 H है। यदि एक कुंडली में 0.5 s में धारा 0 से 20 A परिवर्तित हो तो दूसरी कुंडली की फ्लक्स बंधता में कितना परिवर्तन होगा? - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

पास-पास रखे कुंडलियों के एक युग्म का अन्योन्य प्रेरकत्व 1.5 H है। यदि एक कुंडली में 0.5 s में धारा 0 से 20 A परिवर्तित हो तो दूसरी कुंडली की फ्लक्स बंधता में कितना परिवर्तन होगा?

संख्यात्मक

उत्तर

हम कुंडली 2 से जुड़े फ्लक्स परिवर्तन में रुचि रखते हैं क्योंकि कुंडली 1 में धारा 0 से 20 A तक बदलती है।

2 = MI1

और Δ∅= MΔI1

Δ∅= 1.5 [20 – 0]

या Δ∅2 = 30 Wb

यहाँ धारा बढ़ रही है, अत: फ्लक्स बद्धता में परिवर्तन धारा वृद्धि का विरोध करेगा।

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चुंबकीय फ्लक्स
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: वैद्युतचुंबकीय प्रेरण - अभ्यास [पृष्ठ २३०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 12
पाठ 6 वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
अभ्यास | Q 6.9 | पृष्ठ २३०

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एक वृत्ताकार कुंडली जिसकी त्रिज्या 8.0 cm तथा फेरों की संख्या 20 है अपने ऊर्ध्वाधर व्यास के परितः 50 rad-s- की कोणीय आवृत्ति से 3.0 x 10-2 T के एकसमान चुम्बकीय-क्षेत्र में घूम रही है। कुंडली में उत्पन्न अधिकतम तथा औसत प्रेरित विद्युत वाहक बल का मान ज्ञात कीजिए। यदि कुंडली 10 Ω प्रतिरोध का एक बन्द लूप बनाए तो कुंडली में धारा के अधिकतम मान की गणना कीजिए। जूल ऊष्मन के कारण क्षयित औसत शक्ति की गणना कीजिए। यह शक्ति कहाँ से प्राप्त होती है?


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