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प्रश्न
पहली पंचवर्षीय योजना का किस चीज़ पर सबसे ज़्यादा ज़ोर था? दूसरी पंचवर्षीय योजना पहली से किन अर्थों में अलग थी?
दीर्घउत्तर
उत्तर
पहली पंचवर्षीय योजना १ अप्रैल 1951 से लागू होकर 31 मार्च 1956 को समाप्त हुई। इस योजना में लोगों को गरीबी के जाल से निकलने को लक्ष्य था। इस योजना में ज्यादा जोर कृषि क्षेत्र पर दिया गया। इस योजना में भूमि सुधार पर जोर दिया गया और उसे देश के विकास की बुनियादी चीज माना गया। इस योजना के अंतर्गत अनेक बाँध बनाए गए और सिंचाई के क्षेत्र में काफी धन - राशि का र्निवेश किया गया। दूसरी पंचवर्षीय योजना पहली पंचवर्षीय योजना से विभिन्न अर्थो में अलग थी।
- पहला अंतर यह था की दूसरी पंचवर्षीय योजना में भारी उद्योगों के किसान पर जोर दिया गया। सरकार ने देशी उद्योगों को संरक्षण देने के लिए आयात पर भारी शुल्क लगाया। संरक्षण की इस निति से निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को आगे बढ़ने में काफी मदद मिली।
- दोनों योजनाओं में दूसरा अंतर यह था की पहली योजना में विकास की गति को धीमा रखा गया था। यह समझा गया था की एक दशक तक विकास की रफ़्तार धीमी रखी जाए नहीं तो वह अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डालेगी। परन्तु दूसरी योजना में विकास की गति को तेज रखा गया और यह कोशिश की गई थी की तेज़ गति से संरचनात्मक किया जाए।
- पहली योजना में कुल 2378 करोड़ रुपए के व्यय की व्यवस्था की गई थी जबकि दूसरी योजना के अंतर्गत 4500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी।
- प्रथम पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया धीमी थी और अधिक क्षेत्रों में इसे लागू नहीं किया गया था। परन्तु दूसरी पंचवर्षीय योजना में बिजली, रेलवे, इस्पात, मशीनरी, संचार आदि उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया गया और आर्थिक क्षेत्र में राज्य का नियंत्रण बढ़ा।
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