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प्राथमिक ऐल्किल हैलाइड C4H9Br (क), ऐल्कोहॉलिक KOH में अभिक्रिया द्वारा यौगिक (ख) देता है। यौगिक ‘ख’ HBr के साथ अभिक्रिया से यौगिक ‘ग’ देता है जो कि यौगिक ‘क’ का समावयवी है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

प्राथमिक ऐल्किल हैलाइड C4H9Br (क), ऐल्कोहॉलिक KOH में अभिक्रिया द्वारा यौगिक (ख) देता है। यौगिक ‘ख’ HBr के साथ अभिक्रिया से यौगिक ‘ग’ देता है जो कि यौगिक ‘क’ का समावयवी है। जब यौगिक ‘क’ की अभिक्रिया सोडियम धातु से होती है तो यौगिक ‘घ’ C8H18 बनता है, जो कि ब्यूटिल ब्रोमाइड की सोडियम से अभिक्रिया द्वारा बने उत्पाद से भिन्न है। यौगिक ‘क’ का संरचना सूत्र दीजिए तथा सभी अभिक्रियाओं की समीकरण दीजिए।

रासायनिक समीकरणे/रचना
दीर्घउत्तर

उत्तर

आण्विक सूत्र C4H9Br के दो प्राथमिक हैलाइड निम्नलिखित हो सकते हैं –

\[\ce{\underset{{n-ब्यूटिल ब्रोमाइड}}{CH3CH2CH2CH2Br}}\] तथा

\[\begin{array}{cc}
\phantom{.........}\ce{CH3}\\
\phantom{......}|\\
\ce{\underset{{आइसोब्यूटिल ब्रोमाइड}}{CH3 - CH - CH2Br}}
\end{array}\]

अतः यौगिक (क) या तो n-ब्यूटिल ब्रोमाइड है या आइसोब्यूटिल ब्रोमाइड।

चूँकि यौगिक ‘क’ की अभिक्रिया सोडियम धातु से होने पर यौगिक ‘घ’ (आण्विक सूत्र C8H18) प्राप्त होता है जो कि n-ब्यूटिल ब्रोमाइड की अभिक्रिया सोडियम धातु से होने पर प्राप्त यौगिक से भिन्न है, इसलिए यौगिक ‘क’ आइसोब्यूटिल ब्रोमाइड होना चाहिए तथा यौगिक ‘घ’ 2, 5-डाइमेथिलहेक्सेन होना चाहिए।

\[\ce{2CH3CH2CH2CH2Br + 2Na ->[{वुर्ट्ज अभिक्रिया}] \underset{{n-ऑक्टेन}}{CH3CH2CH2CH2CH2CH2CH2CH3}}\]

\[\begin{array}{cc}
\phantom{......}\ce{CH3}\phantom{....................}\ce{CH3}\phantom{.................}\ce{CH3}\phantom{..........}\\
\phantom{........}|\phantom{........................}|\phantom{....................}|\phantom{...............}\\
\ce{2CH3 - CH - CH2Br ->[{वुर्ट्ज अभिक्रिया}] \underset{{2, 5-डाइमेथिलहेक्सेन ‘घ’}}{CH3 - CH - CH2 - CH2 - CH - CH3}}
\end{array}\]

अब यदि यौगिक ‘क’ आइसोब्यूटिल ब्रोमाइड है तो यौगिक ‘ख’, जो यौगिक ‘क’ की ऐल्कोहॉलिक KOH से अभिक्रिया द्वारा प्राप्त होता है, 2-मेथिल-1-प्रोपीन होना चाहिए।

\[\begin{array}{cc}
\phantom{.......}\ce{CH3}\phantom{...............................}\ce{CH3}\phantom{..}\\
\phantom{....}|\phantom{...................................}|\phantom{..}\\
\ce{\underset{{आइसोब्यूटिल ब्रोमाइड ‘क’}}{CH3 - CH - CH2Br} ->[KOH (alc.), {उष्मा}][{विहाइड्रोहैलोजनीकरण}] \underset{{2-मेथिल-1-प्रोपीन ‘ख’}}{CH3 - C = CH2}}
\end{array}\]

यौगिक ‘ख’ HBr के साथ अभिक्रिया से मार्कोनीकॉफ नियम के अनुसार यौगिक ‘ग’ देता है। इसलिए यौगिक ‘ग’ तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड है जो यौगिक ‘क’ (आइसोब्यूटिल ब्रोमाइड) का एक समावयव है।

\[\begin{array}{cc}
\ce{CH3}\phantom{.................}\ce{CH3}\phantom{}\\
|\phantom{.....................}|\phantom{...}\\
\ce{\underset{{2-मेथिल-1-प्रोपीन ‘ख’}}{CH3 - C = CH2} ->[HBr][{मार्कोनीकॉफ योग}] CH3 - C - CH3}\\
\phantom{...................}|\\
\phantom{...........................}\ce{\underset{{(यौगिक ‘क’ का समावयव)}}{\underset{{तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड ‘ग’}}{Br}}}
\end{array}\]

इस प्रकार, ‘क’ आईसोब्यूटिल ब्रोमाइड, ‘ख’ 2-मेथिल-1-प्रोपीन, ‘ग’ तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड तथा ‘घ’ 2, 5-डाइमेथिलहेक्सेन है।

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ऐल्किल हैलाइडों के विरचन की विधियाँ
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पाठ 10: हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन - अभ्यास [पृष्ठ ३३५]

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एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 10 हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन
अभ्यास | Q 10.21 | पृष्ठ ३३५

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