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राज्य अक्सर सांस्कृतिक विविधता के बारे में शंकालु क्यों होते हैं? - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

राज्य अक्सर सांस्कृतिक विविधता के बारे में शंकालु क्यों होते हैं?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

राज्यों ने अपने राष्ट्र निर्माण की रणनीतियों के माध्यम से अपनी राजनीतिक वैधता को स्थापित करने के प्रयास किए हैं।

  • उन्होंने आत्मसातकरण और एकीकरण की नीतियों के जरिए अपने नागरिकों की निष्ठा तथा आज्ञाकारिता प्राप्त करने के प्रयास किए हैं।
  • ऐसा इसलिए था क्योंकि अधिकांश राज्य ऐसा मानते थे कि सांस्कृतिक विविधता खतरनाक है। तथा उन्होंने इसे खत्म करने अथवा कम करने का पूरा प्रयास किया। अधिकांश राज्यों को यह डर था। कि सांस्कृतिक विविधता जैसे भाषा, नृजातीयता, धार्मिकता इत्यादि की मान्यता प्रदान किए जाने से सामाजिक विखंडन की स्थिति उत्पन्न की जाएगी और समरसतापूर्ण समाज के निर्माण में बाधा आएगी।
  • इसके अतिरिक्त इस प्रकार के अंतरों को समायोजित | करना राजनीतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होता है।
  • इस प्रकार से अनेक राज्यों ने इन विविध पहचानों को राजनीतिक स्तर पर दबाया या नजरअंदाज किया।
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सांस्कृतिक समुदाय एवं राष्ट्र-राज्य
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पाठ 6: सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ - प्रश्नावली [पृष्ठ १४७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 12
पाठ 6 सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियाँ
प्रश्नावली | Q 4. | पृष्ठ १४७
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