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प्रश्न
स्वमत लिखिए:
अगर सागर न होता तो ______
उत्तर
प्रश्न की महत्वपूर्णता स्वयं में अद्वितीय है कि अगर सागर न होते तो क्या होता? सागरों में मौजूद अपार जलराशि पृथ्वी के तापमान को कम करने का कार्य करती है। इस कल्पना से ही मन विचलित हो उठता है। अगर दुनिया में सागर नहीं होते, तो नदियों, झरनों और बारिश का पानी कहाँ जाता? इतने जल को कौन समाहित करता? शायद इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। सूर्य से आने वाली ऊष्मा को सागर सोख लेते हैं। अगर सागर नहीं होते, तो इस ऊष्मा के कारण पृथ्वी पर अत्यधिक गर्मी होती। जल से ही बिजली का निर्माण होता है। यदि सागर न होते, तो कारखानों से निकले दूषित रसायन का क्या होता? शहरों और गाँव की गलियों के गंदे नाले और नालियों के दूषित पानी का क्या होता? तब शायद हमें इस गंदगी के बीच ही जीवन गुजारना पड़ता। सागरों में विशाल जलराशि न होती तो जो जल भाप के रूप में बादल बनता है, उसे हम कहाँ से लाते? बारिश की कमी हो जाती। अगर सागर न होता, तो दुनिया शायद रेगिस्तान और बंजर होती। सागर न होने पर कई लोगों की जीविका समाप्त हो जाती। हम सभी प्राणी मीठे जल से वंचित रह जाते। पृथ्वी पर वनस्पति न होती। वनस्पति न होने से जीव-जंतुओं का अस्तित्व भी समाप्त हो जाता। मेरा मानना है कि अगर सागर न होते, तो मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसीलिए कहते हैं कि "जल ही जीवन है" और "जल है तो कल है"।
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