Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सरकस में जानवरों के करतब दिखाए जाते हैं। उनके प्रति क्रूरता बरती जाती है। क्या ऐसे सरकस को मनोरंजन का साधन माना जा सकता है? सरकस को स्वस्थ मनोरंजन का साधन बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
उत्तर
जिस सरकस में जानवरों के प्रति क्रूरता बरती जाती है, वह मनोरंजन के साधन नहीं माना जा सकता है। उस पर लगाम लगाना आवश्यक है। जानवरों को भी मनुष्य के समान जीने का अधिकार प्राप्त होना चाहिए। जानवरों के साथ, अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए। सरकस में ऐसे करतबों को स्थान दें, जिनमें जानवरों का प्रयोग ही नहीं किया जाए। यदि जानवरों को दिखाना बहुत आवश्यक है, तो उनसे ऐसे करतब करवाएँ जाएँ जिनमें उन्हें शारीरिक कष्ट न के बराबर हो। ऐसा करके हम सरकस को स्वस्थ मनोरंजन का साधन बना सकते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पक्षी कैसा जीवन जीना चाहते हैं?
“दादी माँ’ कहानी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
हर्ष और कनक ने मंजरी को समुद्र से निकाला। इसके बाद उन्होंने मंजरी को प्राथमिक उपचार दिया। पता करो तुम कौन से प्राथमिक उपचार करोगे, यदि
- किसी का हाथ गर्म चीज़ से जल जाए
- पैर में काँच घुस जाए
- कोई ज़हरीला जंतु काट ले
वर्षों तक इस प्रकार यात्रा होती रही।
वर्षों तक इस प्रकार यात्रा होती ही रही।
नीचे लिखे वाक्यों में सही जगह पर ‘ही’ लगाकर बोलो-
(क) सुधा सुबह तक पढ़ती रही।
(ख) यह पंखा हमेशा आवाज़ करता रहता है।
(ग) गारो लोगों का खानाबदोश जीवन कई सालों तक चलता रहा।
(घ) सुशील थककर सो गया।
(ङ) दो घंटे बाद बस चल पड़ी।
मिनी की माँ रहमत पर नज़र रखना चाहती थी परंतु पिता रहमत को मना नहीं कर पाते थे। तुम्हारे विचार में कौन सही था? क्यों?
विलोम शब्द लिखो
आशा- निराशा
कठिन-
आदर-
अँधेरा-
आकार-
इच्छा-
समय के साथ भाषा बदलती है, शब्द बदलते हैं और उनके रूप बदलते हैं, जैसे-बेतवा नदी के नाम का दूसरा रूप ‘वेत्रवती’ है। नीचे दिए गए शब्दों में से हूँढकर इन नामों के अन्य रूप लिखिए-
सतलुज | रोपड़ |
झेलम | चिनाब |
अजमेर | बनारस |
विपाशा | वितस्ता |
रूपपुर | शतद्रुम |
अजयमेरु | वाराणसी |
मराठी से अनूदित इस नाटक का शीर्षक 'पापा खो गए' क्यों रखा गया होगा ? अगर आपके मन में कोई दूसरा शीर्षक हो तो सुझाइए और साथ में कारण भी बताइए।
मिठाईवाला बोलनेवाली गुड़िया
• ऊपर 'वाला' का प्रयोग है। अब बताइए कि-
(क) 'वाला' से पहले आने वाले शब्द संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि में से क्या हैं?
(ख) ऊपर लिखे वाक्यांशों में उनका क्या प्रयोग है?
इस पाठ में दिए गए मुहावरों और कहावतों को पढ़िए और वाक्यों में प्रयोग कीजिए
भानुमती का पिटारा | दस्तक देना | धावा बोलना | घर करना | पीठ ठोकना |
बहुविकल्पी प्रश्न
चिड़िया की गरदन का रंग कैसा था?
चिड़िया किसे महत्त्व देती है और क्यों?
पाठ में ‘ठिठियाकर हँसने लगी’, ‘पीछे से धकियाने लगी’ जैसे वाक्य आए हैं। ठिठियाकर हँसने के मतलब का आप अवश्य अनुमान लगा सकते हैं। ठी-ठी-ठी हँसना या ठठा मारकर हँसना बोलचाल में प्रयोग होता है। इनमें हँसने की ध्वनि के एक खास अंदाज को हँसी का विशेषण बना दिया गया है। साथ ही ठिठियाना और धकियाना शब्द में ‘आना’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इस प्रत्यय से फ़िल्माना शब्द भी बन जाता है। ‘आना’ प्रत्यय से बननेवाले चार सार्थक शब्द लिखिए।
किसी एक खेल को खेले जाने की विधि को अपने शब्दों में लिखिए।
नीचे कुछ शब्द लिखे हैं जिनमें अलग-अलग प्रत्ययों के कारण बारीक अंतर है। इस अंतर को समझाने के लिए इन शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए-
-
प्रेरणा
प्रेरक
प्रेरित
संभव
संभावित
संभवत
उत्साह
उत्साहित
उत्साहवर्धक
तुनुकमिज़ाज शब्द तुनुक और मिज़ाज दो शब्दों के मिलने से बना है। क्षणिक, तनिक और तुनुक एक ही शब्द के भिन्न रूप हैं। इस प्रकार का रूपांतर दूसरे शब्दों में भी होता है, जैसे - बादल, बादर, बदरा, बदरिया; मयूर, मयूरा, मोर; दर्पण, दर्पन, दरपन। शब्दकोश की सहायता लेकर एक ही शब्द के दो या दो से अधिक रूपों को खोजिए। कम-से-कम चार शब्द और उनके अन्य रूप लिखिए।
स्थानीय व्यंजनों की गुणवत्ता में क्या फ़र्क आया है? इसकी क्या वजह हो सकती है?
खानपान की नई संस्कृति का नकारात्मक पहलू क्या है? अपने शब्दों में लिखिए।
अनुमान लगाइए, स्वाधीनता की योजना बनाने के लिए सोनपुर के मेले को क्यों चुना गया होगा?
बहुविकल्पी प्रश्न
वीर कुंवर सिंह का जन्म किस राज्य में हुआ था?